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जमानत पर छूटे महाठग जाड़ेजा ने 15 दिन में पैसे डबल करने के नाम पर फिर ४०० को ठगा

२५ लाख ठगने की शिकायत मिलने पर क्राइम ब्रांच ने मामला किया दर्ज, अशोक जाड़ेजा सहित चार गिरफ्तार

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Ashok jadeja

जमानत पर छूटे महाठग जाड़ेजा ने 15 दिन में पैसे डबल करने के नाम पर फिर ४०० को ठगा

अहमदाबाद. नौ साल पहले सरखेज इलाके में 'एक का डबल करने की ' स्कीम शुरू करके करोड़ों रुपए की ठगी करने की घटना में एक साल पहले ही जमानत पर छूटे अशोक जाड़ेजा ने इस बार महज १५ दिनों में रुपए को डेढ़ से दो गुना करके देने की स्कीम शुरू करके ४०० लोगों को चपत लगाई होने की घटना सामने आई है।
इस मामले में शिकायत मिलने पर शहर पुलिस आयुक्त ए.के.सिंह ने मामले की गंभीरता को देख इसकी जांच अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को सौंप दी। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मनीष राठौड़ ने क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई शिकायत में आरोप लगाया कि अशोक जाड़ेजा और उसके साथी प्रविण राठौड़ व अन्य ने महज १५ दिन में रुपये डेढ़ से दो गुना करके देने का झांसा देकर मनीष एवं उनके परिजन व मित्रों के पास से २३.५८ लाख रुपए ठग लिए।
मामले की जांच एसीपी सी.एन.राजपूत को सौंपी गई, उन्होंने इस मामले में कार्रवाई करते हुए महाठग अशोक जाड़ेजा, उसके पूर्व साथी प्रविण उर्फ पोपट लक्ष्मीचंद राठौड़ (छारा), उसके भाई भारत लक्ष्मीचंद राठौड़, धवल लक्ष्मीचंद राठौड़ को गिरफ्तार किया है।
अशोक जाड़ेजा के विरुद्ध वर्ष २००९ में सरखेज थाने में ठगी के ६८ मामले दर्ज हुए हैं। इसके अलावा बनासकांठा के दियोदर, डीसा में एक-एक, राजस्थान के दिल्ली इकॉनोमिक्स विंग में एक, राजस्थान के जोधपुर में दो, अजमेर में एक, चूरू में एक, सांचोर में एक, रानीवाडा में एक, भीनमाल में एक, बाडमेर में दो मामले दर्ज हैं। इसके अलावा एमपी, यूपी और महाराष्ट्र सहित पूरे देश में ठगी के १२६ मामले दर्ज हैं। इसमें से ९२ केस अभी अदालतों में चल रहे हैं। आरोपी गिरफ्तार होने के बाद अभी एक साल पहले ही जेल से बाहर निकला है। जेल से बाहर निकलने के बाद आरोपी ने फिर से लोगों को ठगना शुरू कर दिया।
जाड़ेजा के साथ इस बार भी उसके पूर्व साथी प्रविण राठौड़ ने साथ दिया। जाड़ेजा की बताई योजना के तहत ही उसने लोगों को १५ दिन में पैसे दो गुना करके देने का झांसा देकर उन्हें ब्ल्यू डायमंड नाम की कोरी रसीदें छपवाकर उसमें राशि भरकर वह रसीद देनी शुरू कर दी। रसीद में शातिर तरीके से ली हुई राशि को घटा देते फिर रुपए लिए होते उसकी जगह घड़ी का बिल देते। लोगों को इस प्रकार से विश्वास देते कि बाद में कभी शिकायत भी हो तो पुलिस को आरोपियों के विरुद्ध सबूत ना मिलें। आरोपियों ने इस बार भी हाल में करीब चार सौ लोगों को चपत लगाई होने की आशंका है।
प्रविण राठौड़ के विरुद्ध भी २००९ में सरखेज में ३६ मामले दर्ज हुए हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र, यूपी में भी मामले दर्ज हुए थे। इसके अलावा इसी साल सरखेज थाने में फिर से ठगी का मामला दर्ज हुआ था। इन सभी मामलों में प्रविण भी जमानत पर बाहर था।