
Ahmedabad news: ऑटो नहीं मिले तो तांगों में सवारी...
अहमदाबाद. आमतौर पर देखा जाए तो अब रेलवे स्टेशन (Railway station) पर तांगे नजर नहीं आते, लेकिन ऑटोरिक्शा (Auto riksha) चालकों की हड़ताल से कई रेलयात्रियों (Railway passenger) ने तांगा (घोड़ागाड़ी), एएमटीएस (AMTS), बीआरटीएस (BRTS) बसों का सहारा लिया। अहमदाबाद (Ahmedabad ) में गुरुवार को ऑटोरिक्शा चालक स्वयंभू हड़ताल पर रहे, जिसमें अहमदाबाद रेलवे स्टेशन (Ahmedabad railway station) के ऑटोचालकों ने समर्थन किया था। इसके चलते हजारों ऑटोरिक्शा के पहिये थम गए। पर्याप्त ऑटोरिक्शा स्टैण्ड नहीं होने, नए यातायात नियम में भारी जुर्माना, रिवरफ्रंट में ऑटोरिक्शा के प्रतिबंध और बीमा राशि ज्यादा होने समेत मुद्दों को लेकर यह हड़ताल की गई।
शहर के रेलवे स्टेशन, एसटी स्टैण्ड, सिविल अस्पताल समेत स्थानों पर ऑटोरिक्शा बंद का कुछ असर जरूर नजर आया। कई जगहों पर यह भी देखा गया कि ऑटो में यात्री बैठे थे, लेकिन उनको दूसरे ऑटोचालकों ने उतार दिया। इसके चलते यात्रियों को खासी दिक्कत हुई। रेलवे स्टेशन पर जहां यात्रियों से ऑटोचालक अपने ऑटो में ले जाने के लिए मनुहार करते हैं, लेकिन गुरुवार को रेल परिसर सूनसान नजर आया। मजबूरन, यात्रियों को बीआरटीएस, एएमटीएस बस और निजी टैक्सी (private taxi) का सहारा लेना पड़ा। वहीं तांगा भी नजर आए, जिसमें यात्री सफर करते नजर आए।
उधर, गुजरात ऑटोरिक्शा ड्राइवर यूनियन एक्शन कमेटी के मुख्य संयोजक अशोक पंजाबी के अनुसार ज्यादातर ऑटोचालकों का समर्थन रहा। विशेष तौर पर स्टेशन और एसटी यह असर देखा गया। यदि राज्य सरकार मांगें नहीं मांगेगी तो आगामी समय में राज्यभर में ऑटोचालक हड़ताल करेंगे।
Published on:
03 Oct 2019 07:56 pm
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