
अहमदाबाद. मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने यह स्पष्ट किया है कि गुजरात में निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म ‘पद्मावत’ पर रोक बरकरार रहेगी। राज्य में यह फिल्म रिलीज नहीं होगी, इसकी घोषणा चुनाव से पहले ही कर दी गई थी। इसलिए अब भी इस फिल्म पर रोक लगी रहेगी। इस तरह फिल्म को केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) की मंजूरी मिलने और रिलीज की तारीख के बाद भी अब इस फिल्म पर संकट बरकरार है।
गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में जीटीयू के दीक्षांत समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि गुजरात में फिल्म ‘पद्मावत’ के रिलीज किए जाने के विरोध में करणी सेना की ओर से विभिन्न तरह के सामाजिक मुद्दे उठाए जा रहे हैं। गुजरात सरकार ने इस फिल्म को रिलीज नहीं किए जाने के मुद्दे पर चुनाव से पहले ही स्पष्टीकरण दे चुकी है। इस संबंध में अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। फिल्म पद्मावती के नाम में परिवर्तन कर सिनेमाघरों में लाने की तैयारी है। सेंसर बोर्ड ने पद्मावती का नाम बदलकर पद्मावत कर दिया और इसे रिलीज करने की मंजूरी दी है। यह फिल्म की रिलीज तारीख 25 जनवरी रखी गई है।
इन परिस्थितियों अब जब एक बार फिर इस फिल्म का मुद्दा गरमाया है तब इस फिल्म को गुजरात में रिलीज नहीं किए जाने की स्पष्टता कर इस मुद्दे पर पूर्ण विराम लगा दिया गया है।
गुजरात के अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार सरकार ने इस फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा कई भाजपा शासित राज्यों की सरकार भी इस फिल्म पर प्रतिबंध के मूड में है।
गत नवम्बर महीने में मुख्यमंत्री ने कहा था कि फिल्म पर रोक का निर्णय राज्य की कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया गया है। राज्य में यह फिल्म तब तक रिलीज नहीं होगी जब तक इससे जुड़ा विवाद खत्म नहीं हो जाता। तब उन्होंने कहा था कि क्षत्रिय व राजपूत सहित विभिन्न समुदायों व कई लोगों की ओर से सरकार के समक्ष फिल्म से संवेदना को ठेस पहुंचने को लेकर चिंता जताई थी। इससे पहले भी भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश ईकाई ने कहा इस फिल्म पर रोक लगाने की मांग करते हुए निर्वाचन आयोग, केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) तथा केन्द्र सरकार को पत्र लिखा था।
Published on:
12 Jan 2018 10:02 pm
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