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अहमदाबाद

Video …. Ahmedabad : भगवान जगन्नाथ का सोना वेश रूप के श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, नए रथों की हुई पूजा

-मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोहिल सहित कई नेता पहुंचे मंदिर-दिनभर चला भंडारा, पूजा-अर्चना का दौर

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अहमदाबाद. शहर में मंगलवार को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की 146वीं रथयात्रा से एक दिन पहले सोमवार को जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बलदाऊ का सोनावेश से श्रृंगार किया गया। पूरे साल में सिर्फ रथयात्रा से एक दिन पूर्व ही भगवान को सोनावेश रूप में श्रृंगारित किया जाता है। जिससे इस दिन भगवान के इस रूप के दर्शन करने को बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। मंदिर के महंत दिलीपदास महाराज ने नए रथों को मंदिर परिसर में प्रवेश कराने के मंत्रोच्चार व विधि विधान से पूजा की। साथ ही गजराजों का भी पूजन किया।

सोमवार शाम को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी मंदिर पहुंचकर भगवान के इस रूप के दर्शन किए और पूजा अर्चना की। इसके अलावा सोमवार को गुजरात प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल व अन्य आला नेताओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। मंदिर परिसर में भंडारे का भी आयोजन किया गया था। सुबह से लेकर देर शाम तक पूजा अर्चना का दौर चला।बैंड बाजे के साथ नए रथों का स्वागत

भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम के लिए इस साल नए रथों का निर्माण किया गया है। इन रथों को सोमवार को पहली बार मुख्य मंदिर परिसर में प्रवेश दिलाया गया। बैंडबाजे एवं आदिवासी नृत्य से इन नए रथों का स्वागत किया गया। जिसके बाद इनका पूजन किया गया। ब्राह्मणों के साथ-साथ पूजन विधि में मंहत दिलीप दास महाराज व ट्रस्टी गण भी जुड़े। दोपहर को कांग्रेस के नेता भी रथ की पूजन विधि में पहुंचे। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल, कांग्रेस विधायक दल के नेता अमित चावड़ा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जगदीश ठाकोर, गुजरात प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हिम्मतसिंह पटेल, विधायक इमरान खेड़ावाला, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन मोढ़वाडिया व भरत सिंह सोलंकी, पूर्व विधायक ग्यासुद्दीन शेख सहित अन्य नेता उपस्थित थे।आकर्षण का केंद्र रहेंगे नए रथ

रथयात्रा के लिए तैयार किए गए नए रथ आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इन रथों को पुरी के रथों जैसा रूप दिया गया है। 72 सालों के बाद रथों को बनाया गया है। राजस्थान से आए कारीगरों ने इन्हें बनाया है।