
Ahmedabad News : असरकारक होम्योपैथी की ब्रायोनिया अल्बा 200 दवाई
हालोल. कोरोना पॉजिटिव रोगियों के लिए होम्योपैथी की ब्रायोनिया अल्बा 200 दवाई असरकारक साबित हुई है। प्रथम चरण में 22 मरीजों पर सफल परीक्षण का दावा किया गया है।
उत्तर प्रदेश में आगरा के नेमिनाथ होम्योपैथिक कॉलेज हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर की ओर से कोरोना के सफल उपचार के लिए होम्योपैथी की दवाई खोजी गई है। संस्थान के आचार्य डॉ. प्रदीप गुप्ता ने क्लीनिकल परीक्षण के बाद दावा किया है कि 5 से 7 दिन में रोगी स्वस्थ होता है और कोरोना संबंधी जांच रिपोर्ट नेगेटिव हो जाती है। एलोपैथिक पद्धति से उपचार में 7 से 9 दिन लगते हैं, इसके बावजूद रोगी को कमजोरी रहती है और जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने में 4 से 6 सप्ताह लगते हैं।
नेमिनाथ होम्योपैथिक कॉलेज हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर को आयुष मंत्रालय की ओर से कोरोना के उपचार के लिए दवाई खोजने की अनुमति दी गई थी। इसके तहत संस्थान के चिकित्सकों ने टूंडला स्थित एफ.एच. हॉस्पिटल के 44 मरीजों पर प्रथम चरण में क्लीनिकल परीक्षण पूर्ण किया। नेमिनाथ हॉस्पिटल के आचार्य डॉ. प्रदीप गुप्ता के अनुसार होम्योपैथिक दवाई के असर पर विवाद ना हो, इसलिए इटावा जिले के सैफई मेडिकल कॉलेज में दो-दो बार कोरोना संबंधी जांच करवाई गई और इस दवाई के सेवन के बाद और 22 मरीज भी ठीक हो गए।
गुजरात सरकार के सचिव को भी पत्र लिखकर इलाज के लिए गुहार
सफल परीक्षण के बाद 15 मई से सरकार के आदेश की प्रतीक्षा की जा रही है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय, महाराष्ट्र सरकार, पश्चिम बंगाल और गुजरात सरकार के संबंधित विभागों के सचिवों को भी पिछली 21 मई को पत्र लिखकर इलाज के लिए गुहार की गई। दवाई के बेहतर परिणाम के बाद आगरा के एस.एन. कॉलेज के प्राचार्य को भी पत्र लिखकर कोरोना पॉजिटिव रोगियों के उपचार में दवाई का उपयोग करने की गुहार की गई। आगरा, फिरोजाबाद प्रशासन ने भी मरीजों पर ब्रायोनिया अल्बा 200 दवाई का परीक्षण करवाया है।
डॉ. गुप्ता ने दावा किया है कि कोरोना पॉजिटिव रोगियों पर सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद नई दिल्ली के सीटीआरई-आईसीएमआर में ब्रायोनिया अल्बा 200 दवाई का पंजीकरण भी करवाया गया है। डॉ. गुप्ता के अनुसार रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिए होम्योपैथी की आर्सेनिक अल्बम 30 दवाई का उपयोग किया जा रहा है। उनका दावा है कि उपचार के लिए भी आयुष मंत्रालय ने कहा था।
डॉ. गुप्ता के अनुसार उनकी ओर से ब्रायोनिया अल्बा 200 दवाई का सफल परीक्षण करने के बावजूद उन्हें बौद्धिक संपदा अधिकार नहीं चाहिए। वे तो चाहते हैं कि घातक बीमारी से लोगों को जीवन मिल सके, लोगों के परिवार सुरक्षित रहें। होम्योपैथी को गुणवत्तायुक्त व सस्ता उपचार बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका विशेष उद्देश्य होम्योपैथिक उपचार पद्धति को सम्मानजनक स्थान दिलाना है, इसलिए सरकार की ओर से जल्द से जल्द निर्णय लेना चाहिए।
Published on:
25 May 2020 11:06 pm
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