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बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट: किसानों को जमीन की कीमत का चार गुना मिलेगा मुआवजा

-शहरी इलाकों के लिए दुगनी राशि वहीं ग्रामीण इलाकों के लिए चार गुनी

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Gujarat govt, bullet train, Land acquisition

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट: किसानों को जमीन की कीमत का चार गुना मिलेगा मुआवजा

अहमदाबाद. लगता है मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत मुआवजे की उचित रकम नहीं दिए जाने के विरोध का राज्य सरकार पर असर पड़ा है। अब किसानों को भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत मुआवजे के रूप में जमीन की बाजार कीमत से दुगनी से लेकर चारगुनी राशि मिलेगी।
राज्य सरकार के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने के समान मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में तेजी लाने के उद्देश्य से गुजरात सरकार ने बुधवार को कई अहम निर्णय लिए हैं।
राज्य सरकार के निर्णय की जानकारी के बारे में राजस्व मंत्री कौशिक पटेल ने बताया कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए हाल में जारी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में शहरी क्षेत्र प्र्राधिकरण या शहरी विकास प्राधिकरण में शामिल गांवों के किसानों को ज्यादा मुआवजा प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार के समक्ष गुहार लगाई गई थी। इसे ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने अहम निर्णय लिया है। इसके तहत इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में गति लाए जाने के उद्देश्य से शहरी क्षेत्र प्राधिकरण या शहरी विकास प्राधिकरण के ग्रामीण इलाकों को भी लाभ मिलेगा। केन्द्र सरकार की नीति के तहत भूमि अधिग्रहण को लेकर शहरी इलाकों के किसानों के लिए बाजार कीमत का दुगना वहीं ग्रामीण इलाकों के लिए प्रभावित किसानों को चार गुना मुआवजा मिलेगा।
इसी तरह सहमति अवार्ड के लिए भी जो मूल अवार्ड की कीमत होगी उसमें 25 फीसदी अतिरिक्त कीमत के मुआवजे का लाभ मिलेगा।

8 जिलों के 196 गांवों की 681 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण

देश के पहले बुलेट ट्रेन के लिए राज्य के 8 जिलों के 196 गांवों की करीब 681 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित किए जाने की प्रक्रिया जारी है। इनमें से 185 गांवों की जमीन का अधिग्रहण के लिए दूसरे चरण की कार्यवाही पूरी कर दी गई है। राज्य सरकार के इस किसान को लेकर लिए गए निर्णय से बुलेट ट्रेन के तहत अधिग्रहित किए जाने वाले जमीन के मालिकों को उचित कीमत से ज्यादा का मुआवजा मिलेगा।

राजस्व मंत्री के मुताबिक जंत्री कीमत के संबंध में नया फॉर्मूला लागू किए जाने के बाद भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत सहमति करार से जमीन दिए जाने के लिए तैयार होने वाले मामलों में किसानों को मुआवजे की रकम चुकाने के समय जंत्री कीमत से आयकर से इंडेक्सेशन फॉर्मूला लागू किया जाएगा। इस कारण मुआवजे की रकम में वृद्धि होगी।