
Central university: प्रो. आलोक गुप्त की
गांधीनगर. गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय-गांधीनगर के पूर्व कार्यवाहक कुलसचिव और हिंदी अध्ययन केंद्र के प्रो. आलोक गुप्त की "साहित्य के सरोकार" पुस्तक का विमोचन सीयूजी के सभागार में किया गया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए सीयूजी के कुलपति प्रो. रमाशंकर दूबे ने कहा कि साहित्य से सरोकार रखने वाले व्यक्ति द्वारा साहित्य के सरोकारों पर चर्चा करना महत्वपूर्ण है। कुलपति प्रो. रमाशंकर दुबे ने छायावाद, राष्ट्रीय काव्यधारा और नई कविता के कवियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कविताओं के माध्यम से उनके सामाजिक सन्दर्भों को उद्धृत किया।
समारोह के विशिष्ट अतिथि अधिष्ठाता प्रो. संजीव दुबे ने प्रो. आलोक गुप्ता के व्यक्तित्व और साहित्यिक कृतित्व की विशिष्टताओं को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सत्यप्रकाश उपाध्याय ने विमोचित पुस्तक पर चर्चा की। पुस्तक का परिचय देते हुए डॉ. प्रमोद कुमार तिवारी ने कहा कि साहित्य के सरोकारों के साथ लेखक के सरोकार भी व्यक्त होते हैं। पुस्तक के सभी आलेखों पर टिप्पणी की। कवि की चयन दृष्टि पर चर्चा करते हुए बताया कि इस पुस्तक के लेख बेचैन करते हैं।
प्रो. आलोक गुप्ता ने अपनी लेखकीय बात कही। उन्होंने कहा कि परिवेश की अनुकूलता से ही लेखन कार्य संभव हो पाता है। इस कार्यक्रम में प्रो. एच.बी. पटेल, प्रो. राजेश मकवाना, प्रो. सरिता अग्रवाल, प्रो. मनीष, प्रो. बालाजी रंगनाथन, प्रो. भावना पाठक, प्रो. अतनु महापात्रा, डॉ. अजय सिंह चौहान, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. जयेंद्र अमिन, डॉ. दीपक भट्ट, डॉ. रजनीश गुप्ता, डॉ. विजेता गामीत, डॉ. गजेंद्र मीणा, डॉ. शरीष तिवारी, डॉ. सौरभ कुमार, डॉ. हेमांग देसाई, जयप्रकाश सोनी, तरुण सोनी, प्रो. पल्लवी शर्मा, प्राध्यापक स्वामी कुंदन किशोर, आलोक कुमार, मिथिलेश गुप्ता, पूजा मदान, आकांक्षा सिंह, राहुल प्रसाद, हर्नीश कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शमीम आरा हुसैन ने किया और डॉ. अजय सिंह चौहान ने कार्यक्रम का आभार व्यक्त किया।
Published on:
26 Jun 2021 08:29 pm
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