दो वर्षों में मिली 2255 शिकायतें, 985 शिकायतों का निपटारा, धोखेबाजों से अब तक वसूले 21.78 करोड़
गांधीनगर. अहमदाबाद के कपड़ा व्यापारियों से धोखाधड़ी करने वालों पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शिकंजा कसा है। दो वर्ष पहले कपड़ा व्यापारियों से होने वाली धोखाधड़ी को रोकने और धोखेबाजों बकाया वसूली के लिए गृह विभाग ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था। उधर, नई सरकार बनने के बाद मस्कती कापड मारकेट महाजन के अध्यक्ष गौरांग भगत के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने राज्य में गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी का सम्मान किया गया।
अब तक एसआईटी टीम को कपड़ा व्यापारियों से धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ 2255 शिकायतें मिली थीं, जिसमें 985 शिकायतों का निपटारा हो चुका है। वहीं 375 ऐसे शिकायतें हैं उसमें समाधान पर बातचीत चल रही है। इसके जरिए जिन कपड़ा व्यापारियों से धोखाधड़ी हुई थी उन्हें रुपए लौटने को लेकर खरीदारों से बातचीत का सिलसिला चल रहा है। जबकि 876 ऐसी शिकायतें हैं, जिसमें अभी एसआईटी की टीमें जांच कर रही हैं। आरोपियों की तलाशी कर रही हैं। जो शिकायतें मिली हैं उनमें धोखाधड़ी करने वालों से अब तक 21 करोड़ 18 लाख 19 हजार 438 रुपए वसूले जा चुके हैं।
एसआईटी को जहां एक जनवरी से दिसम्बर-2020 में 43 शिकायतें मिली थीं, जिसमें 1 करोड, 91 लाख रुपए वसूली की गई। वहीं एक जनवरी से 31 दिसम्बर तक 878 शिकायतें मिलीं, जिसमें 8 करोड़ 12, लाख 31 हजार रुपए की वसूली हुई। जबकि एक जनवरी से 21 नवम्बर तक एसआईटी को 1334 शिकायतें मिलीं, जिसमे 8 करोड़ 14 लाख 54 हजार रुपए की वसूली हुई। इसके अलावा धोखेबाजों से अतिरिक्त 3 करोड़ साठ लाख रुपए वसूल किए गए।
कपड़ा व्यापारियों को मिली राहत
मस्कती कापड मार्केट महाजन के अध्यक्ष गौरांग भगत ने कहा कि गुजरात सरकार के गृह विभाग से हमने एसआईटी बनाने का अनुरोध किया था और कपड़ा व्यापारियों से धोखाधड़ी रोक और बकाया वसूली की मांग की थी। बाद में वर्ष 2020 में महाजन के अनुरोध पर एसआईटी का गठन हुआ। पिछले दो वर्षों में एसआईटी, पुलिस की आर्थिक अपराध निवारण शाखा और क्राइम ब्रांच की टीमों ने मदद की है और करीब 30 करोड़ रुपए वसूले। गुजरात की इन तीनों एजेंसियों ने पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, राजस्थान दिल्ली , पंजाब और उत्तर प्रदेश ग्यारह राज्यों से इन टीमों ने कपड़ा व्यापारियों की बकाया वसूली की। गृह विभाग ने अच्छा कदम उठाया है।