
अहमदाबाद. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने राज्य के 8 महानगरों में वर्षों से अपने मवेशियों के साथ बसने वाले मालधारी समाज के लोगों के लिए महानगर से 15-20 किलोमीटर दूर मालधारी बस्ती बसाने का निर्णय लिया है। बस्ती के निर्माण के लिए महानगरपालिका राज्य सरकार को टोकन दर पर जमीन आवंटित करेगी।
इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि महानगरों में ऐसे पशुओं के कारण ट्रैफिक में अड़चन होने के साथ-साथ लोगों के साथ भी घटनाएं घटती रहती हैं। इस समस्या के कारण मालधारियों के जीवन निर्वाह के समान पशुपालन व्यवसाय पर उचित विचार कर मालधारी बस्ती बनाने के लिए राज्य सरकार ने बजट में रकम का प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि मालधारी बस्ती में पशुओं के लिए शेड-पानी की व्यवस्था, बिजली सहित मालधारियों को रहने जैसी आधारभूत सुविधाएं के लिए राज्य सरकार मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने गांधीनगर में गुजरात गोपालक विकास निगम के तहत मालधारियों, रबारी-भरवाड़ समुदाय के 513 लाभार्थियों को पशु सहायता सहित विभिन्न योजनाओं के तहत 6.77 लाख के मदद का चेक दिया था।
उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि समयानुकूल परिवर्तन के साथ रबारी-मालधारी समाज के युवक पशुपालन के अलावा उच्च शिक्षा, रोजगार , व्यवसाय से मूल्यवद्र्धन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन-दूध उत्पादन व्यवसाय से जुड़े मालधारी-रबारी-भरवाड समाज के युवक, माता, बहनों के पशु संवद्र्धन की अद्यतन सुविधा देकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के लिए पशु फॉर्म की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने मदद दी है।
इसके तहत प्रति एक फॉर्म 3 लाख रुपए तक सहयता दी जाएगी जिसमें कुल पांच हजार पशु फार्म की स्थापना का लक्ष्य है। इसके लिए बजट में 140 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून से पहले राज्य में 1 मई से 31 मई तक आयोजित होने वाले सुजलाम सुफलाम जलसंचय योजना में पशुपालकों व मालधारी समाज सहित सभी लोगों, संगठनों, शिक्षण-धार्मिक संस्थाओं को सहयोगी बनने का आह्वान किया।
सामाजिक अधिकारिता मंत्री ईश्वर परमार ने कहा कि गोपालक विकास निगम ने वर्ष 2002-03 से लेकर 2017-18 तक मालधारी समाज के 6377 सहित 7340 लाभार्थियों को कुल 43.65 करोड़ की सहायता ऋण दी है।
Published on:
25 Apr 2018 10:42 pm
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