गर्दन में आई चोट से-सिविल अस्पताल में किया जटिल ऑपरेशन
अहमदाबाद. छह माह पहले गर्दन में लगी चोट से विकलांग अवस्था में पहुंची 11 वर्षीय किशोरी को सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने नया जीवन दिया है। उसका जटिल ऑपरेशन किया गया है। जटिल ऑपरेशन के बाद किशोरी की हालत अच्छी बताई गई है।
लॉकडाउन के दौरान घर में खेलते हुए 11 वर्षीय किशोरी के गले के भाग में चोट लगी थी। धीरे-धीरे सूजन और फिर दर्द के कारण यह किशोरी विकलांग अवस्था में पहुंच गई। दोनों पैर निष्क्रिय हो गए थे और मूत्र त्याग कीी प्रक्रिया भी पूरी तरह से प्रभावित हो गई थी। ऐसे में पहले तो उसे सूरत के एक निजी अस्पताल और उसके बाद अन्य कई अस्पतालों में ले जाया गया लेकिन सचोट उपचार नहीं मिला। किसी के कहने उसे अहमदाबाद के सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां जांच करने पर पता चला कि गर्दन की मुख्य हड्डी के ऊपरी हिस्से में एक गांठ हो गई थी। इसे चिकित्सकीय भाषा में सर्वाइकल ऑस्टियोब्लास्टोमा कहा जाता है। इसकी सर्जरी काफी जटिल होती है। अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विभाग के चिकित्सक डॉ. पियूष मित्तल के नेतृत्व में यह सर्जरी की गई। तीन घंटे चली सर्जरी के परिणाम काफी अच्छे रहे। मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है।
ब्रेन के निकट सर्जरी होने से थी जटिल
डॉ. पियूष मित्तल ने बताया कि ब्रेन के निकट यह सर्जरी की गई थी जो काफी जटिल थी। थोड़ी भी लापरवाही मरीज के लिए भारी हो सकती थी। लेकिन अन्य चिकित्सकों के सहयोग से किए गए इस ऑपरेशन के अच्छे परिणाम मिले हैं। हाल में बालिका की तबीयत अच्छी है। अब वह चलने भी लगी है। इससे पहले यह बालिका विकलांग अवस्था में पहुंच गई थी।
कोरोना काल मेें भी जटिल सर्जरी
सिविल अस्पताल में कोरोना जैसी महामारी के बीच भी इस तरह के जटिल ऑपरेशन किए जा रहे हैं। स्पाइन संबंधित 214 ऑपरेशन किए गए हैं। इस तरह के ऑपरेशन काफी जटिल होते हैं।
डॉ. जयप्रकाश मोदी, चिकित्सा अधीक्षक सिविल अस्पताल