
Ahmedabad. गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की टीम ने साइबर ठगी को अंजाम देने वाले आरोपियों की नई मोडस ऑपरेंडी का भंडाफोड़ किया है। टीम ने ऐसे दो शातिर आरोपियों को ग्वालियर से धर दबोचा है, जो साइबर ठगी करने वाले गिरोह को वर्चुअल मोबाइल नंबर और ओटीपी प्रदान करते थे। दोनों ही आरोपी मध्यप्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं। इनकी पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
पकड़े गए आरोपियों में एक का नाम अबदेश रावत (23) है, जबकि दूसरे का नाम शिवम रावत (18) है। यह दोनों ही मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के बालाजीपुरम कोलोनी के रहने वाले हैं। इनके पास से चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इनके दो क्रिप्टो करेंसी वॉलेट तथा 11 यूपीआई आइडी का पता चला है।प्राथमिक जांच में सामने आया कि इन दोनों ही शातिर आरोपियों ने साइबर ठगी को अंजाम देने वाले आरोपियों के साथ मिलकर उनके लिए दो वेबसाइट बनाई थीं। इन वेबसाइट से जुड़े टेलीग्राम चैनल भी शुरू करके दिए।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि यह दोनों ही शातिर आरोपी साइबर ठग गिरोह से जुड़े लोगों को वर्चुअल मोबाइल नंबर और ओटीपी देते थे।प्रति नंबर 15 से 25 रुपए लेते थे। विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर साइबर फ्रोड को सरल बनाने में यह वर्चुअल मोबाइल नंबर और ओटीपी साइबर ठगों के काफी काम आती थीं। ऐसी मोडस ऑपरेंडी का पहली बार खुलासा हुआ है।
जांच में सामने आया कि वर्चुअल मोबाइल नंबर का उपयोग शातिर ठग पीडि़तों को धमकी देने के लिए भी उपयोग करते थे। इसे साइबर क्राइम एज ए सोशल सर्विस (सीएएएस) इस प्रकार की नई बैक एंड टीम के रूप में पुलिस ने चिन्हित किया है।एक अन्य आरोपी फरारइस मामले में सोनू उर्फ जतिन त्रिपाठी नाम का एक और शातिर आरोपी फरार है। इन दोनों ने सोनू के साथ मिलकर वेबसाइट बनाकर वर्चुअल मोबाइल नंबर और ओटीपी प्रोवाइड करने का काम शुरू किया था। इसके जरिए कई ई-कॉमर्स कंपनियों को भी चपत लगी है। शातिर आरोपियों ने सात अलग- अलग वेबसाइटों की विदेशी सर्वर पर होस्टिंग की थी।
पकड़े गए आरोपियों के बैंक अकाउंट की जांच करने पर उसमें 17 लाख 54 हजार रुपए की राशि जमा मिली है। इसके अलावा आरोपी अबधेश के पास से क्रिप्टो करेंसी के दो वॉलेट मिले हैं, जिसमें 20 लाख रुपए के लेनदेन का खुलासा हुआ है।
Published on:
27 Jan 2026 10:14 pm
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