
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, इस विधायक ने दिया इस्तीफा
लोकसभा चुनाव 2024 में गुजरात में अच्छे प्रदर्शन की रणनीति बना रही कांग्रेस पार्टी को मंगलवार को बड़ा झटका लगा है। गुजरात केे आणंद जिले की खंभात सीट से कांग्रेस के विधायक चिराग पटेल (44) ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। 2022 के विधानसभा चुनाव में पहली बार चिराग पटेल इस सीट से भाजपा प्रत्याशी महेश रावल को 3711 वोटों से हराकर विधायक बने थे। तीन दशक (1990) के बाद कांग्रेस पार्टी को चिराग ने खंभात सीट पर जीत दिलाई थी। कांग्रेस विधायक के इस्तीफा देने से अब कांग्रेस के गुजरात विधानसभा में विधायकों की संख्या 17 से घटकर 16 रह गई है।
गत सप्ताह ही आम आदमी पार्टी (आप) के जूनागढ़ जिले की विसावदर सीट से विधायक भूपत भायाणी ने से इस्तीफा दे दिया था। एक सप्ताह में दो विधायकों के इस्तीफा देने से 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा में अब विधायकों की संख्या घटकर 180 रह गई है। इसमें आम आदमी पार्टी के विधायकों की संख्या 5 से घटकर 4 रह गई है। भाजपा के विधायकों की संख्या 156 है। समाजवादी पार्टी का एक और तीन निर्दलीय विधायक हैं।
इस्तीफा देने वाले इन दोनों विधायकों के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा लोकसभा के साथ विधानसभा की इन सीटों पर उपचुनाव होने की संभावना है।गुजरात भाजपा ने कहा कि, कांग्रेस की राष्ट्रविरोधी, परिवारवाद, तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार की राजनीति के चलते चिराग पटेल ने विधायक पद से इस्तीफा दिया है। पार्टी के प्रवक्ता ऋत्विज पटेल ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
इस्तीफा की मुख्य वजह कांग्रेस की राष्ट्रविरोधी मानसिकता
इस्तीफा देने के बाद चिराग पटेल ने संवाददाताओं को बताया कि कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने की कई वजह हैं। मुख्य वजह कांग्रेस की राष्ट्र विरोधी मानसिकता है। देश विश्व की तीसरी महासत्ता बन रहा है। देश में काफी विकास हो रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस का कोई भी नेता सकारात्मक एप्रोच वाला नहीं है। सत्ताधारी पार्टी का विरोध करना ही एकमात्र सोच है। पार्टी के कई और विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं।
आर्थिक हितों के लिए भाजपा के दबाव, लालच से दिया इस्तीफा
गुजरात विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता अमित चावड़ा ने कहा कि चिराग पटेल कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम कर रहे हैं। लेकिन सही कारण तो यह है कि उन्होंने सरकारी ठेकों के अपने आर्थिक हितों के लिए और भाजपा के दबाव और लालच के चलते इस्तीफा दिया है। उनके गुजरात के साथ राजस्थान में भी सरकारी ठेके हैं। राजस्थान में सरकार बदली है, जिससे उन्होंने अपना लाभ देखकर इस्तीफा दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। चावड़ा ने कहा कि गुजरात की भाजपा सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर, डरा धमकाकर, विपक्ष को कमजोर करती आई है। इस बार भी ऐसा किया है।
आप के सभी विधायक एकजुट: मकवाणा
आम आदमी पार्टी के विधायक उमेश मकवाणा ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी का अब और कोई विधायक इस्तीफा नहीं देगा। भाजपा अफवाह फैल रही है। सभी विधायक एकजुट हैं।
Published on:
19 Dec 2023 10:30 pm
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