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जामनगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाथूराम गोडसे की प्रतिमा तोड़ी

हिन्दू सेना की ओर से कल की गई थी स्थापित आमने-सामने मामले दर्ज

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जामनगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाथूराम गोडसे की प्रतिमा तोड़ी

जामनगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नाथूराम गोडसे की प्रतिमा तोड़ी

जामनगर. शहर में कालावड नाका के बाहर दूधिया हनुमान आश्रम की वाडी में हिन्दू सेना की ओर से नाथूराम गोडसे की सोमवार को प्रतिमा स्थापित की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार सुबह प्रतिमा को तोड़ दिया। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से आमने-सामने ए डिविजन थाने में मामले दर्ज करवाए गए हैं।
नाथूराम गोडसे की पुण्यतिथि पर जामनगर में हिन्दू सेना की ओर से सोमवार रात को आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष प्रतीक भट्ट, सौराष्ट्र के अध्यक्ष मयूर पटेल, मंदिर के महंत संपत बापू की मौजूदगी में नाथूराम गोडसे की प्रतिमा स्थापित की गई थी। उस समय हिन्दू सेना के शहर अध्यक्ष दीपक पिल्लई के अलावा देव आंबलिया, भावेश ठुंमर, मयूर चंदन आदि मौजूद थे।
दूसरी ओर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष दिगुभा जाडेजा, पार्षद धवल नंदा व कार्यकर्ताओं ने मंगलवार सुबह मौके पर पहुंचकर पत्थर मारकर प्रतिमा तोड़ दी। दिगुभा के अनुसार महात्मा गांधी ने जान की आहुति देकर देश को आजादी दिलाई थी। कांग्रेस भी गांधीवादी विचारधारा रखती है लेकिन राष्ट्रविरोधी तत्वों पर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, इसलिए कांग्रेस को कानून हाथ में लेना पड़ा।
प्रतिमा तोडऩे की सूचना मिलने पर हिन्दू सेना के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर सिटी ए डिविजन थाने के निरीक्षक एम.जे. जलु व टीम भी मौके पर पहुंची। पंचनामा बनाकर हिन्दू सेना के कार्यकर्ताओं के बयान दर्ज किए। उपाधीक्षक जिज्ञेश चावड़ा भी मौके पर पहुंचे। वहां हिन्दू सेना की ओर से घटना के फोटो और वीडियो पुलिस टीम को सौंपकर मामला दर्ज करने की मांग की गई।
हिन्दू सेना की ओर से मंगलवार को दिगुभा जाडेजा, धवल नंदा के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया। दूसरी ओर दिगुभा जाडेजा ने प्रतिमा पर राम नाम का खेस रखकर राष्ट्रद्रोह के साथ धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के चलते हिन्दू सेना के प्रतीक भट्ट, भावेश ठुंमर के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया। गौरतलब है कि प्रतिमा की स्थापना के लिए हिन्दू सेना की ओर से प्रशासन से मांग की गई थी, लेकिन मांग पूरी नहीं की गई।