
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आरोपी।
Ahmedabad. नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट)-अंडर ग्रेजुएट (यूजी) देने वाले विद्यार्थियों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। नीट यूजी पेपर लीक होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से विद्यार्थियों को नीट परीक्षा की फीस रिफंड (वापस) की जा रही है। नीट फीस रिफंड मामले में भी कई विद्यार्थियों के पैसे पहले ही निकल गए हैं। विद्यार्थियों के एप्लीकेशन नंबर, पासवर्ड को चोरी करके, उसमें जानकारी, बैंक की डिटेल बदलकर 150 से ज्यादा विद्यार्थियों की फीस के पैसे खुद के बैंक खाते में जमा कराने वाले शातिर आरोपी को अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने बिहार से गिरफ्तार किया।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) शरद सिंघल ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया पकड़े गए आरोपी का नाम नवीन कुमार यादव (19) जो बिहार के गया जिले के भरेटी के पास धुरियावा का रहने वाला है। फिलहाल बीएससी (ग्रेजुएशन) पढ़ाई कर रहा है।प्राथमिक जांच में सामने आया कि नवीन ने नीट रिफंड प्रक्रिया के तहत एनटीए की वेबसाइट में रही कमियों का फायदा उठाते हुए कई बार पासवर्ड बदलते हुए 350 विद्यार्थियों को निशाना बनाया। उसमें से 150 विद्यार्थियों के पासवर्ड को बदलने में सफलता पाई। इसके बाद उसने विद्यार्थियों की जगह खुद के बैंक अकाउंट की जानकारी अपडेट कर दी, जिससे रिफंड के पैसे आरोपी के बैंक खाते में जमा हो गए। जब विद्यार्थी रिफंड के पैसे लेने के लिए प्रोसेस कर रहे थे तब उन्हें मैसेज आया कि उनके पैसे रिफंड किए जा चुके हैं,जबकि उन्होंने ऐसा कोई दावा ही नहीं किया था। इसकी शिकायत साइबर क्राइम ब्रांच को मिली, जिसमें छात्रा के पैसे किसी ने उसके एप्लीकेशन नंबर, पासवर्ड का पता करके उसका उपयोग करके प्राप्त कर लिए थे।
इसकी जांच की गई और एनटीए से जानकारी जुटाई। इसके बाद जांच करते हुए आरोपी को बिहार से पकड़ लिया। एनटीए की ओर से प्रति विद्यार्थी 1700 रुपए (सामान्य वर्ग) की फीस रिफंड के रूप में दी जा रही थी। वहीं ओबीसी, ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 1600 रुपए, एससी-एसटी, थर्ड जेंडर व विकलांग श्रेणी के लिए 1000 और एनआरआइ की 9500 रुपए रिफंड दी जा रही थी।
सिंघल ने बताया कि एनटीए ने फॉरगेट पासवर्ड के बाद नए पासवर्ड की प्रक्रिया काफी लचीली रखी थी। उसमें कई खामियां थीं। जैसे कि पसंदीदा रंग और खेल का विकल्प दिया था। इसका फायदा आरोपी ने उठाते हुए ठगी की। आरोपी के पास विद्यार्थियों के एप्लीकेशन नंबर और डेटा कैसे आया, उसके बारे में जांच जारी है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आइटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एनटीए के निदेशक आकाश जैन ने बताया कि रिफंड के नाम पर ठगी का मामला ध्यान में आने पर एनटीए ने अब रिफंड के लिए टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया को सोमवार से लागू कर दिया है। इसमें रही खामियों को दूर किया है।
Published on:
15 Jun 2026 09:24 pm
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