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Coronavirus: गुजरात हाईकोर्ट ने कहा, कोरोना वायरस की महामारी से जुड़ी जनहित याचिका के मुद्दे को नहीं बनाएं राजनीति का अखाड़ा

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Coronavirus: गुजरात हाईकोर्ट ने कहा, कोरोना वायरस की महामारी से जुड़ी जनहित याचिका के मुद्दे को नहीं बनाएं राजनीति का अखाड़ा

Coronavirus: गुजरात हाईकोर्ट ने कहा, कोरोना वायरस की महामारी से जुड़ी जनहित याचिका के मुद्दे को नहीं बनाएं राजनीति का अखाड़ा

अहमदाबाद. गुजरात हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस की महामारी से जुड़ी जनहित याचिका के मुद्दे को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाने की बात कही है। मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायाधीश जे बी पारडीवाला क ी खंडपीठ ने यह अवलोकन किया कि हाईकोर्ट इस बात से अत्यंत नाराज है कि कोरोना वायरस के मुद्दे पर जारी जनहित याचिका में होने वाले आदेशों पर सोशल मीडिया व अन्य प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक चर्चा व टिप्पणी की जा रही है। हाईकोर्ट के आदेश का दुरुपयोग किया जा रहा है। जनहित से जुड़ी याचिकाओं का आशय नागररिकों को राहत सुनिश्चित कराना है। जनहित याचिकाएं राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होती है इसलिए जनहित याचिकाओं को राजनीतिक अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए।

विरोधात्मक टिप्पणी की बजाय सृजनात्मक टिप्पणी मददगार

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि विरोधात्मक टिप्पणी की बजाय सृजनात्मक टिप्पणी से ज्यादा मदद हो सकती है। सरकार की गलतियां बताकर नागरिकों के मन में भय ही पैदा की जा सकती है। आज के समय लोग उनके नेताओं को एक साथ मिलकर काम करते देखना चाहते हैं। अधिकांश लोकतांत्रिक देशों में ये सभी देश कोरोना की महामारी के खिलाफ लड़ाई में सफल हुए हैं क्योंकि वहां पर राजनीतिक दलों को एक दूसरे का सहयोग मिला है और कोरोना वायरस जैसे अज्ञात दुश्मन के खिलाफ एक होकर लड़े हैं। इस मामले में हाईकोर्ट राज्य सरकार को उसके संवैधानिक व कानूनी फर्ज की याद दिलाकर जागरूक व सक्रिय रखने का काम कर रही है।