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Ahmedabad: आंगडि़या लूट : 25 दिन में 150 किमी रूट के 475 सीसीटीवी खंगाले, दो आरोपियों को पकड़ा

Crime branch detect Navrangpura angadia loot, 2 arrested -नवरंगपुरा इलाके में आंगडिया लूटी गई 50 लाख की राशि में से 35 लाख किए बरामद, एक आरोपी फरार, क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, लूट के पैसों से खरीदी बाइक भी की जब्त

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Ahmedabad: आंगडि़या लूट : 25 दिन में 150 किमी रूट के 475 सीसीटीवी खंगाले, दो आरोपियों को पकड़ा

Ahmedabad: आंगडि़या लूट : 25 दिन में 150 किमी रूट के 475 सीसीटीवी खंगाले, दो आरोपियों को पकड़ा

Ahmedabad. शहर के नवरंगपुरा इलाके में गत 28 अप्रेल की दोपहर आर अशोक आंगडि़या पेढ़ी के कर्मचारी से की गई 50 लाख रुपए की लूट की गुत्थी को क्राइम ब्रांच ने 25 दिन बाद सुलझा दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को शहर के नरोडा के हंसपुरा चार रास्ते से पकड़ा गया है। इन आरोपियों से लूट के पैसों से खरीदी गई बाइक, दो मोबाइल सहित 35 लाख रुपए की नकदी बरामद की गई है।

क्राइम ब्रांच के अनुसार इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने घटनास्थल से लेकर आरोपी के फरार होने के मार्ग का पूरा रूट तैयार कर करीब 150 किलोमीटर लंबे रूट पर लगे 475 सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगालकर जांच की। इस आधार पर पता चला कि इस लूट को विशाल सिंधी गिरोह की ओर से अंजाम दिया गया। पकड़े गए दो आरोपियों में नवा नरोडा में रहने वाले विशाल तनवाणी (32) और कुबेरनगर निवासी प्रतीक पानवेकर (26) शामिल हैं।पकड़ में आए इस गिरोह के सदस्यों पर वाडज और कृष्णनगर थाने में भी मामले दर्ज हैं। इन मामलों में भी ये फरार हैं। इस लूट मामले में राजकोट निवासी पवन सिंधी फरार है।

गिरोह में रखता था 3 सदस्य , गुमराह करने को बदलते थे कपड़े

क्राइम ब्रांच के अनुसार विशाल तनवाणी काफी शातिर है। वह वारदात को अंजाम देने के लिए गिरोह में तीन सदस्य ही रखता था। पुलिस को गुमराह करने के लिए गिरोह के सदस्य लूट करने के बाद रास्ते में रुककर कपड़े बदलते थे ताकि सीसीटीवी फुटेज में पकड़ में नहीं आएं। वाहनों पर भी सदस्य बदल दिए जाते थे। ये गलियों से होकर फरार होते थे।

घटना के तीन दिन बाद बांटी थी लूट की रकम

क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि आरोपी लूट को अंजाम देने के बाद गलियों से होते हुए महेमदाबाद गए। वहां से बारेजडी और फिर दहेगाम रोड, हिम्मतनगर रोड, कराई होते हुए घर पहुंचे थे। ये आरोपी घटना के तीन दिन बाद इकट्ठे हुए और फिर लूट की रकम बांटी गई। राजकोट निवासी पवन सिंधी को 14 लाख, प्रतीक को छह लाख रुपए हिस्से में दिए थे। बाकी के 30 लाख विशाल ने खुद रखे थे। इसमें से उसने एक लाख रुपए में एक बाइक खरीदी थी।