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Central University Of Gujarat सीयूजी में शुरू हुए शिक्षा नीति शोध केन्द्र एवं प्राध्यापक व्यवसाय विकास केन्द्र

स्कूल ऑफ नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज की शुरूआत, तीन विशेष सेंटर कार्यरत  

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Central University Of Gujarat सीयूजी में शुरू हुए शिक्षा नीति शोध केन्द्र एवं प्राध्यापक व्यवसाय विकास केन्द्र

अहमदाबाद. गुजरात केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीजीयू) में जुलाई २०१९ से मानव संसाधन मंत्रालय के उच्च शिक्षा मंत्रालय की ओर से पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन के तहत शिक्षा नीति शोध केन्द्र एवं प्राध्यापक व्यवसाय विकास केन्द्र स्वीकृत किए गए हैं। सीयूजी के स्कूल ऑफ एजूकेशन में जुलाई २०१९ से इसका शुभारंभ भी हो गया है।
इसके अलावा यूजीसी ने सीयूजी के स्कूल ऑफ नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज को भी २०१८-१९ से स्वीकृति दी थी, जिसका जुलाई २०१९ से शुभारंभ हुआ है।

शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में शोध को बल
सीयूजी के कुलपति प्रो.एस.ए.बारी के अनुसार सीयूजी गुजरात का पहला ऐसा विश्वविद्यालय है, जिसमें पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिलन ऑन टीचर एंड टीचिंग (पीएमएमएमएनएमटीटी) को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा २००९ में शुरू किए गए सेंटर फॉर सिक्योरिटी स्टडीज को क्रमोन्नत करके मई २०१८ से यूजीसी ने स्कूल ऑफ नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज कर दिया है। जुलाई २०१९ से इसकी भी शुरूआत हो रही है। यह भारतीय यूनिवर्सिटी सिस्टम में यूनिक स्कूल है। इनकी शुरूआत होने से सीयूजी में शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में शोध को बल मिलेगा।

देश की शिक्षा नीति पर होगी रिसर्च
स्कूल ऑफ एजूकेशन के डीन एवं प्रोफेसर एच.बी.पटेल ने बताया कि पीएमएमएमएनएमटीटी को मंजूरी मिलने से यहां सेंटर फॉर पोलिसी रिसर्च इन एजूकेशन (शिक्षा नीति शोध केन्द्र)एवं सेंटर फॉर प्रोफेशनल डेवलपमेंट ऑफ टीचर एजूकेटर्स की शुरूआत की गई है। जिससे देश की शिक्षा नीति के संदर्भ में शोध की जाएगी और प्राध्यापकों को समय की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित करने एवं उनकी क्षमता का विकास करने के लिए सेमिनार, कार्यशालाएं होंगीं।

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर शोध को बढ़ावा
स्कूल ऑफ नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज (एसएनएसएस) के प्रोफेसर एवं डीन डॉ.संजय कुमार झा ने बताया कि एसएनएसएस के तहत तीन सेंटर हैं। जिसमें सेंटर फॉर सिक्योरिटी स्टडीज, सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी और सेंटर फॉर मैरीटाइम सिक्योरिटी स्टडीज शामिल हैं। स्कूल की ओर से जीआईएस एवं साइबर लैबोरेटरी भी स्थापित की जा रही है, जहां भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर शोध की जाएगी।