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सीएम ने वडनगर की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देने की मंशा दोहराई

मेहसाणा. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को मेहसाणा जिले में वडनगर की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए चल रहे महत्वाकांक्षी हेरिटेज प्रिसिंक्ट डेवलपमेंट और फसाड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण करते हुए कामकाज की प्रगति को लेकर संतोष व्यक्त किया और वडनगर की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान देने की मंशा दोहराई।
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अहमदाबाद

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Rajesh Bhatnagar

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Updated: 23 Jun 2026, 9:57 PM IST

CM reiterates resolve to give Vadnagar's cultural heritage a new global identity

वडनगर में हेरिटेज प्रिसिंक्ट डेवलपमेंट और फसाड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट का अवलोकन करते मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल।

मुख्यमंत्री पटेल ने हेरिटेज प्रिसिंक्ट डेवलपमेंट और फसाड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट का किया अवलोकन

मेहसाणा. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को मेहसाणा जिले में वडनगर की ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए चल रहे महत्वाकांक्षी हेरिटेज प्रिसिंक्ट डेवलपमेंट और फसाड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण करते हुए कामकाज की प्रगति को लेकर संतोष व्यक्त किया और वडनगर की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान देने की मंशा दोहराई।
राज्य सरकार की स्वर्णिम जयंती मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू इस कार्यक्रम के जरिए वडनगर की प्राचीन इमारतों और गलियों को उनके मूल वैभव के साथ पुनर्स्थापित किया जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य वडनगर के हेरिटेज क्षेत्रों की विशिष्ट पहचान और पारंपरिक स्थापत्य शैली को संरक्षित रखना है। इस मिशन के तहत विरासत मूल्य वाली निजी संपत्तियों और रिहायशी मकानों का वैज्ञानिक पद्धति से जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
जीर्णोद्धार की इस पूरी प्रक्रिया में उस समय की मूल्य स्थापत्य शैली और पारंपरिक निर्माण कार्य पद्धतियों का उपयोग किया गया है। विशेषकर, स्थानीय सामाग्री और कुशल कामगारों को प्राधमिकता देकर प्राचीन नक्काशी और निर्माण कार्य को जीवंत रखने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस भव्य विरासत को देख सके।
ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की इस मुहिम में राज्य सरकार ने जनभागीदारी के विशिष्ट मॉडल को लागू करके सफलता हासिल की है। इस योजना के तहत होने वाले कुल खर्च की 80 फीसदी राशि राज्य सरकार द्वारा सहायता के तौर पर दी जाती है, जबकि बाकी की 20 फीसदी राशि संबंधित संपत्ति के लाभार्थियों की ओर से दिया जाता है।
सरकार के इस दृष्टिकोण के कारण स्थानीय नागरिकों में अपनी विरासत के संरक्षण के प्रति गौरव और स्वामित्व का भाव पैदा हुआ है। इस सफलता को देखते हुए 100 अन्य संपत्तिधारकों ने भी स्वतः ही इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने और अपनी संपत्तियों का जीर्णोद्धार कराने के लिए उत्सुकता दिखाई है।

चार जोन में प्रोजेक्ट का काम

वडनगर के इस पूरे प्रोजेक्ट को चार महत्वपूर्ण जोन में बांटकर काम किया जा रहा है। जिनमें प्रेरणा स्कूल परिसर, सुप्रसिद्ध कीर्ति तोरण परिसर, पत्थर नी हवेली परिसर और शर्मिष्ठा तालाब का तट जैसे ऐतिहासिक स्थान शामिल हैं।

अब तक 55 ऐतिहासिक इमारतों के जीर्णोद्धार का काम पूरा

अब तक हुई प्रगति के अनुसार, कुल 55 ऐतिहासिक इमारतों के जीर्णोद्धार का काम पूरा कर लिया गया है। मौजूदा चरण में 52 दूसरी इमारतों पर काम जोरों से चल रहा है। वहीं, आने वाले समय में दो और इमारतों पर जीर्णोद्धार की प्रकिया शुरू करने की योजना है, जिससे वडनगर का पूरा हेरिटेज पट्टा एक नए अवतार में नजर आएगा।