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गुजरात के 10 जिलों में खुलेंगे साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन

अभी 4 कमिश्नरेट, 9 रेंज, सीआईडी क्राइम सहित 14 थाने हैं कार्यरत, सरकार साइबर अपराधियों पर भी नकेल कसनेे को प्रतिबद्ध

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साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन

अहमदाबाद. साइबर क्राइम के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए गुजरात सरकार राज्य में लोगों को साइबर अपराधियों, ठगों से बचाने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए 10 और जिलों में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन खोलने जा रही है। इसके लिए जरूरी मंजूरी प्रदान कर दी है। राज्य में अभी चार कमिश्नरेट, 9 रेंज और सीआईडी क्राइम गांधीनगर सहित 14 साइबर थाने कार्यरत हैं। सीआईडी क्राइम गांधीनगर में दिन-रात में कभी भी 24 घंटे साइबर क्राइम से जुड़ी शिकायत स्वीकारने की सुविधा सुनिश्चित की है।
गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने गुरुवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की कि राज्य के 10 जिलों में साइबर थाने खोले जाएंगे। इनमें आणंद, साबरकांठा, महेसाणा, भरुच, वलसाड, जामनगर, पोरबंदर, अमरेली, कच्छ-पूर्व (गांधीधाम) और बनासकांठा जिले शामिल हैं। इसके लिए 218 नए पद मंजूर किए गए हैं।
अभी राज्य की नौ रेंज-गांधीनगर, राजकोट, भावनगर, बोर्डर रेंज भुज, सूरत, वडोदरा, पंचमहाल-गोधरा, अहमदाबाद और जूनागढ़ में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कार्यरत हैं। इसके अलावा चारों ही कमिश्नरेट-अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में भी साइबर क्राइम थाने कार्यरत हैं। सीआईडी क्राइम गांधीनगर में भी एक साइबर क्राइम थाना कार्यरत है। इन रेंज, शहर के थानों के लिए अलग-अलग संवर्ग के 704 नए पद भी मंजूर किए गए हैं।
जाडेजा ने कहा कि राज्य सरकार साइबर क्राइम प्रिवेंशन और डिटेक्शन के लिए प्रतिबद्ध है। उसके लिए जरूर हर कदम उठाए जा रहे हैं। कोरोना महामारी के दौर में ऑनलाइन शॉपिंग, रिचार्ज, ई-मीटिंग, वेबिनार जैसे कार्य हो रहे हैं। इसमें तकनीक कारगर साबित हो रही है, लेकिन साइबर अपराधी इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे साइबर अपराधियों पर साइबर क्राइम की नजर है। इसे और दुरस्त करने को कदम उठाए जा रहे हैं।
इसके लिए ही अहमदाबाद शहर के साइबर क्राइम सेल की ओर से साइबर आश्वस्त प्रोजेक्ट शुरू किया है, जो वाईफाई का उपयोग करके साइबर क्राइम करने वालों पर नजर रखता है।
साइबर क्राइम सेल में ही साइबर इंसीडेंट रिस्पोंस यूनिट (आईआरयू), एन्टी साइबर बुलिंग यूनिट (एबीयू), साइबर क्राइम प्रिवेंशन यूनिट (सीसीपीयू) और साइबर सुरक्षा लैब (सीएसएल) कार्यरत की गई हैं।

8328 लोगों को 18.11 करोड़ वापस दिलवाए
जाडेजा ने बताया कि साइबर क्राइम थाने कार्यरत होने से ऑनलाइन ठगी का शिकार होने वाले लोगों को फायदा हो रहा है। सही समय पर जानकारी मिलने पर अहमदाबाद शहर के साइबर क्राइम सेल में कार्यरत साइबर इंसीडेंट रिस्पोंस यूनिट सक्रिय हो जाती है और अब तक लग 8328 लोगों को उनके खातों से डेबिट हुए रुपयों में से 18.11 करोड़ रुपए उन्हें वापस दिलवा भी चुकी है।

अपराधियों की टेक्निक से सचेत रहने के संदेश
राज्य में कार्यरत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशनों की ओर से लोगों को साइबर अपराधियों की ओर से अपनाई जा रही तकनीकों के प्रति जागरुक करने के लिए बल्क मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। अब तक 7 लाख 23 हजार 939 लोगों को बल्क मैसेज भेजे जा चुके हैं। कियोस्क के माध्यम से 981 वायरस स्केन किए गए हैं।

4109 युवाओं का दूर किया मानसिक तनाव

साइबर क्राइम सेल की ओर से ठगी के मामलों में ही कार्रवाई नहीं की जा रही बल्कि साइबर बुलिंग का शिकार बनने वाले युवक-युवतियों, महिलाओं को साइबर बुलिंग यूनिट की ओर से फोन पर एवं रूबरू संपर्क करके काउंसिलिंग भी दी जा रही है। जिससे उनका तनाव दूर हो रहा है। ऐसे 4109 लोगों को अबु तक काउंसिलिंग दी गई है।

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