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हर वर्ष पांच सौ मूकबधिर विद्यार्थियों को मिलेगी ‘आवाजÓ

deaf and dumb, students, foundation, Gujarat government: तारा फाउण्डेशन की गुजरात सरकार के कवायद

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हर वर्ष पांच सौ मूकबधिर विद्यार्थियों को मिलेगी 'आवाजÓ

हर वर्ष पांच सौ मूकबधिर विद्यार्थियों को मिलेगी 'आवाजÓ

गांधीनगर. ऐसे बच्चे जो सुन-बोल नहीं पाते हैं उन बच्चों को तारा फाउण्डेशन 'आवाजÓ देगा। हर वर्ष ऐसे पांच सौ बच्चों का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा। इसके लिए फाउण्डेशन ने गुजरात सरकार के सहयोग से गांधीनगर में केन्द्र प्रारंभ किया है। यह पुनर्वास केन्द्र के साथ-साथ स्कूल भी होगा।

एक शोध के मुताबिक ऐसे बच्चे जो बोल-सुन नहीं सकते हैं ऐसे बच्चों पर शुरुआत में ही ध्यान दिया जाए तो उन बच्चों के विकास में काफी हद तक सुधार किया जा सकता है। किसी भी बच्चे में दिव्यांगता के लक्षण हों तो बचपन से ही उनका का उपचार किया जाए तो उनकी स्थिति सुधर सकती है। आंकड़ों के मुताबिक गुजरात में हर वर्ष एक हजार बच्चे श्रवण (मूकबधिर) दिव्यांगता वाले जन्म लेते हैं। इसके प्रति जागरुकता और उपचार की तारा फाउण्डेशन ने पहल की है।

तारा फाउण्डेशन के पुनर्वास और उपचार केन्द्र की गांधीनगर के बीआरसी भवन में शुरुआत की गई है। इस मौके पर राज्य शिक्षा सचिव डॉ. विनोद राव, कमिश्नरेट ऑफ कमर्शियल जे.पी. गुप्ता, स्टेट प्रोजेक्ट निदेशक एवं गुजरात काउंसिल ऑफ स्कूल एज्युकेशन की अधिकारी डॉ. रतन कंवर गढवी चरण, तारा फाउण्डेशन के ट्रस्टी सन्नी जैन व प्रमिल बंसल, डॉ. मीनेश जुवेकर, डॉ. सिद्धार्थ सखिया उपस्थित थे।

फाउण्डेशन के ट्रस्टी सन्नी जैन के मुताबिक दिव्यांग बच्चों को उनके साथी की तरह बोलने और सुनने में सक्षम बनाना है। इस केन्द्र में हर माह पांच से विद्यार्र्थियों को नि:शुल्क उपचार होगा। इस केन्द्र में म्युजिक थैरेपी, स्पीच थैरेपी, बिहेवियर थैरेपी, ऑडियोलोजिकल समेत सेवाएं ही एक जगह उपलब्ध होंगी।