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गुजरात साइंस सिटी में बनेगी डिफेंस एवं एविएशन गैलरी, कई और आकर्षण जुड़ेंगे

Defence and aviation gallery will build in Gujarat science city -स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का भी होगा विकास-विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 2193 करोड़ का प्रावधान  

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गुजरात साइंस सिटी में बनेगी डिफेंस एवं एविएशन गैलरी, कई और आकर्षण जुड़ेंगे

गुजरात साइंस सिटी में बनेगी डिफेंस एवं एविएशन गैलरी, कई और आकर्षण जुड़ेंगे

Ahmedabad. गुजरात साइंस सिटी में रोबोटिक गैलरी, एक्वाटिक गैलरी की सफलता को देख साइंस सिटी के मास्टर प्लान के तहत अब साइंससिटी में डिफेंस एवं एविएशन की नई गैलरी भी बनाई जाएगी। गुजरात सरकार ने शुक्रवार को घोषित वर्ष 2023-24 के बजट में इसकी घोषणा की। इस पर 250 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 2023-24 के लिए 22 करोड़ रुपए आवंटित करने की घोषणा की है। भारत सरकार की संस्था इनस्पेस के सहयोग से साइंस सिटी में स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर भी विकसित किया जाएगा। इसके लिए 12 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इतना ही नहीं साइंस सिटी में आईटी और स्टार्टअप कल्चर के समग्र विकास के लिए तथा साइंस पार्क के विकास के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया है। राज्य में 8 स्थानों पर क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्रों की स्थापना की जाएगी। जिन जिलों में जिला विज्ञान केन्द्र नहीं हैं वहां उनकी स्थापना करने के लिए एवं उनके संचालन के लिए 233 करोड़ का प्रावधान किया गया है। विज्ञान केन्द्रों का दायरा बढ़ाने तथा ऐसे केन्द्रों की स्थापना जिला स्तर पर करने के निर्णय से विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति अभिरूचि विकसित करना है। शहरों से लेकर क्षेत्रीय और जिला स्तर तक विज्ञान केंद्रों का नेटवर्क ज्ञान आधारित समाज की दिशा में सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है।

मांग आधारित डिजिटल कनेक्टिविटी की पहल

राज्य सरकार ने मांग आधारित डिजिटल कनेक्टिविटी सेवा उपलब्ध कराने की घोषणा की है। ऐसा कर राज्य में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देना है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में इस पर जोर दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल डिवाइड को कम करने के लिए डिजिटल विलेज स्कीम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में एफटीटीएच (फाइबर टू द होम) कनेक्शन देने की योजना है, जिसके लिए 120 करोड़ का प्रावधान किया है।

विज्ञान-प्रौद्योगिकी विभाग के बजट में 227 प्रतिशत का इजाफा

सरकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र को और बढ़ावा देने के लिए पिछले वर्ष की तुलना में विभाग के बजट में 227प्रतिशत की वृद्धि की है। सरकार आईटी, इलेक्ट्रॉनिक, सेमीकंडक्टर जैसी नीतियों को लागू कर आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों और सेवा क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। सेमी कंडक्टर पॉलिसी के तहत सेमी कंडक्टर और डिस्प्ले फैब के साथ-साथ औसेट सुविधा के लिए 524 करोड़ का प्रावधान। इलेक्ट्रॉनिक नीति के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के उद्योगों के लिए 125 करोड़ का प्रावधान। नीति के तहत निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के लिए 70 करोड़ का प्रावधान।