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Gujarat Religious News : ज्येष्ठ पूर्णिमा पर डाकोर, वडताल, शामलाजी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

वेदोक्त मंत्रोच्चारण के साथ शीतल जल से स्नान कराया

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Gujarat Religious News : ज्येष्ठ पूर्णिमा पर डाकोर, वडताल, शामलाजी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

Gujarat Religious News : ज्येष्ठ पूर्णिमा पर डाकोर, वडताल, शामलाजी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

डाकोर. ज्येष्ठ पूर्णिमा के उपलक्ष में मंगलवार को खेड़ा जिले के डाकोर में रणछोडऱाय मंदिर में विभिन्न धार्मिक आयोजन हुए। इस दिन का विशेष महत्व होने से पवित्र दिन पर प्रभु के एक झलक पाने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। ग्रीष्म ऋतु में प्रभु को शीतलता प्रदान करने और ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ही नंद राय ने रणछोडऱाय को संपूर्ण व्रज मंडल का व्रज राज कुंवर बनाया था, इन दोनों अवसरों को लेकर वेद परंपरा के अनुसार अभिषेक किया गया। पूरे वर्ष के दरम्यान महज इसी दिन ठाकोरजी को वेदोक्त मंत्रोच्चारण के साथ शीतल जल से स्नान कराया जाता है। जितनी देरी तक पुरुष सूक्त का पाठ होता है, स्नान जारी रहता है।

स्नान परंपरा की खासियत है कि जब ज्येष्ठ महीने की पूर्णता होती है, उसी केे आसपास ज्येष्ठ नक्षत्र होने पर इस तरह से स्नान कराया जाता है। स्नान के दूसरे डाकोर मंदिर के जल को नदी, तालाब और कुंए में डाल देने की परंपरा है। इस जल में विभिन्न प्रकार के पुष्प गुलाब, खस, केसर, इत्र आदि मिलाया जाता है। श्री रणछोड़ राय के इस स्नान जल में विशेष रूप से करीब सवा किलो केसर मिलाया जाता है।

तड़के ज्येष्ठ नक्षत्र में प्रभु को स्नान कराया जाता है। इसके बाद श्वेत धोती और विशेष प्रकार के वस्त्र में प्रभु के दर्शन कर श्रद्धालु खुद को धन्य करते हैं। इसी दिन से प्रभु को चंदन का लेप शुरू हो जाता है। चरण में चंदन अर्पित किया जाता है। ज्येष्ठ अभिषेक गर्मी की विदाई और वर्षा ऋतु के आगमन का संकेत होता है।
इसके साथ ही प्रभु का दूधभात अर्पित करना बंद कर दिया जाता है। श्रद्धालु डाकोर मंदिर के सामने स्थित गोमती तालाब के जल का चरणामृत स्वरूप आचमन करते हैं।

वडताल में केसर जल से अभिषेक
आणंद. वडताल के स्वामीनारायण मंदिर में मंगलवार को भगवान स्वामीनारायण का केसर से अभिषेक किया गया। इस धार्मिक विधि को देखने इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। वडताल मंदिर के कोठारीसंत वल्लभ स्वामी ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में देवों का चंदन वस्त्र से सुशोभित करने की परंपरा है। वडताल समेत समग्र स्वामीनारायण सम्प्रदाय के मंदिरों में वैशाख शुक्ल पक्ष अक्षय तृतीया से देवों को चंदन वस्त्र से सुशोभित किया जाता है। इसके बाद लगातार 41 दिनों तक रोज पुजारी चंदन वस्त्र से देवों का शृंगार करते हैं। इसके बाद मंगलवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा के उपलक्ष में संप्रदाय के सभी मंदिरों में देवों को केसर जल से स्नान कराया गया। इसमें वडताल में सुबह 5.15 बजे मंगला आरती की गई। इसके बाद सुबह 5.30 बजे अभिषेक पूजन किया गया। यजमान के रूप में जगदीश पटेल और पी एन शाह के हाथों अभिषेक कराया गया। जनमंगल स्त्रोत के गान के साथ अभिषेक किया गया।

खेडब्रह्मा शहर में अर्बुदा माता का रथ प्रस्थान कराया
हिम्मतनगर. साबरकांठा जिले के खेड़ब्रह्मा में मंगलवार को अर्बुदा माता का रथ ढोल-बाजों के साथ प्रस्थान कराया गया। रथ यात्रा का आयोजन आंजणा चौधरी समाज सेवा मंडल साबरकांठा व अरवल्ली समेत सामाजिक जागरुकता, समरसता कन्या केलवणी आदि सामाजिक संस्थाओं की ओर से किया गया है। अर्बुदा माता का रथ 120 दिनों तक साबरकांठा और अरवल्ली जिले के 215 गांवों से होते हुए जाएगी। इस दौरान बाबु पटेल (गोधमजीवाला) ने 11 लाख रुपए का दान अर्पित किया। ग्रामीण रथयात्रा का स्वागत करेंगे। रथ के प्रस्थान अवसर पर अध्यक्ष कनु पटेल, प्रमुख जशु पटेल, मंत्री जशु पटेल, मंत्री एन डी पटेल, महामंत्री केशु पटेल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

शामलाजी के दरबार में मनोरथ की कामना
शामलाजी. शामलाजी मंदिर में मंगलवार को पूर्णिमा दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी। श्रद्धालुओं ने भगवान के दरबार में शीश झुकाकर मनोरथ सिद्धि की कामना की। वहीं वट सावित्री पर्व को लेकर भी श्रद्धालुओं की भरी भीड़ उमड़ी। मंदिर के पुजारी परेश और विनय ने बताया कि भगवान शामलिया को सुंदर वेश-भूषा से शृंगारित किया गया। वहीं सोने-हीरा जडि़त आभूषणों से सुशोभित किया गया। भगवान के समक्ष आकर दर्शन करने के लिए श्रद्धालु आतुर दिखे। अलकायदा की धमकी के मद्देनजर मंदिर के आसपास पुलिस की तैनाती की गई। मंदिर परिसर, गर्भगृह समेेत मंदिर के बाहर बाजार क्षेत्र में हाइवे रोड पर मेश्वो सरोवर में चारों ओर निगरानी रखी गई।