2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सीढ़ी ढहाई, बनेगा एस्केेलेटर

अहमदाबाद रेलवे स्टेशन
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अहमदाबाद

•

image

Pushpendra Rajput

•

Updated: 21 Aug 2018, 9:19 PM IST

ahmedabad railway station

सीढ़ी ढहाई, बनेगा एस्केेलेटर

अहमदाबाद. मौजूदा समय में अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर कालूपुर की ओर एक एस्केलेटर तो पहले से ही है। अब एक और एस्केलेटर बनाया जा रहा है वह और कालूपुर रेलवे स्टेशन पर मणिनगर साइड की ओर जहां पर पहले सीढिय़ां थी। इस एस्केलेटर का निर्माण होने से बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को काफी आसानी हो जाएगी। हालांकि अहमदाबाद स्टेशन पर सभी प्लेटफार्म पर एस्केलेटर बनाने का प्रस्ताव है, लेकिन फिलहाल वहां एस्केलेटर बनाने में कुछ वक्त लगेगा। इससे पहले प्लेटफार्म नंबर 12 पर एस्केलेटर बनाया जाना था, जहां एस्केलेटर का प्लेटफार्म भी बन गया था, लेकिन मेट्रो और बुलेट ट्रेन कार्य के चलते फिलहाल उस एस्केलेटर का कार्य रोक दिया गया।
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर- एक की ओर निकासी के लिए दो सीढिय़ां और एस्केलेटर हैं। निकासी के लिए एस्केलेटर और एक सीढ़ी तो साबरमती स्टेशन साइड की ओर है, लेकिन मणिनगर साइड की ओर और आरक्षण केन्द्र के पास जो सीढ़ी तो उसे ढहा दिया गया है। अब वहां पर एस्केलेटर बनाया जा रहा है। यह एस्केलेटर बनने से बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को आसानी होगी।
सूत्रों के अनुसार स्टेशन के प्लेटफार्म पर आठ माह में ग्यारह एस्केलेटर लगाए जाएंगे ताकि यात्रियों को आवागमन आसान हो सके। आगामी समय में और भी एस्केलेटर लगाए जाएंगे, जिसमें तीन निकासी के लिए होंगे। दो-दो एस्केलेटर प्लेटफार्म के छोर पर हों। अगले आठ से दस माह में प्लेटफार्म पर एस्केलेटर लगा दिए जाएंगे।
रेलवे स्टेशन पर एक्सीक्युटिव लांज
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर एक्जीक्युटिव लांज बनाया जा रहा है। संभवत: भारत के पश्चिमी क्षेत्र में यह पहला एक्जीक्युटिव लांच होगा, जिसे इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म (आईआरसीटीसी) को यह लांज बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह लांज अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर एक की ओर बनाया जा रहा है, जहां पहले जनरल टिकट काउंटर था, लेकिन एस्केलेटर के निकट जनरल टिकट काउंटर बनने के बाद पिछले दो वर्षों से ये जगह खाली थी।