
रोज एक लाख से ज्यादा शहरी जनों की भूख मिटाते हैं 'राजस्थानी'
नगेन्द्र सिंह
अहमदाबाद. गुजरात के सबसे बड़े महानगर अहमदाबाद में हर रोज लाख से अधिक लोगों की भूख 'राजस्थानीÓ लोग मिटाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि जिस प्रकार गुजराती लोगों को खाने-पीने और घूमने-फिरने के शौक के चलते देश-दुनिया में जाना जाता है। उसी प्रकार राजस्थान के लोगों को जायकेदार, लजीज नाश्ते व व्यंजन बनाने के लिए पहचाना जाता है। अहमदाबाद की बात करें तो यहां भी बड़ी संख्या में राजस्थानी लोगों को चाय-नाश्ते की लारियों (ठेलों) और छोटी-दुकानों में काम करते या फिर उसे चलाते हुए देखा जा सकता है। इसमें ज्यादातर लोग राजस्थान के गुजरात से सटे डूंगरपुर, उदयपुर और सिरोही जिलों के अलावा भीलवाड़ा जिले से हैं।
अहमदाबाद शहर में किसी भी इलाके में आप सुबह-शाम निकलें तो आपको लारी पर समोसे, कचौरी, पकौड़े, सैन्डविच, दाबेली, वड़ापाव, इडली-दोसा, फरसाण में फाफड़ा, खम्मण, ढोकला, पौआं, साबूदाना की खिचड़ी बेचते हुए लोग नजर आते हैं। इसमें बड़ी संख्या में लोग सुबह-सुबह, दोपहर और शाम को भी अपनी भूख मिटाते हुए दिखाई देते हैं।
गीता मंदिर के पास दुकान और लारी पर समोसे, कचौरी, पकौड़े, टिक्की बेचने वाले राजस्थान के बाडमेर के गढ़सिवाना निवासी दिनेश शंकरलाल कहते हैं कि वे राजस्थानी जायके के अनुरूप नाश्ता बनाते हैं, जिसे लोग बड़े चाव के साथ खाते हैं। एक अनुमान के अनुसार ढाई सौ से तीन सौ लोग सुबह से शाम तक आते हैं। इससे ही उनका घर चलता है।
इसी तरह की बात बहेरामपुरा में इडली-मेंदुवड़ा की लारी चलाने वाले कमल बाबूलाल ने की। उन्होंने बताया कि उनकी लारी पर सुबह से दोपहर तक करीब ढाई सौ लोग इडली और मेंदुवडा चाव से खाते है।
चांदखेड़ा में त्रागड रोड पर नाश्ते-फरसाण की दुकान चलाने वाले व मूल रूप से सिरोही जिले के निवासी विकास प्रजापति कहते हैं कि हर रोज उनके यहां करीब 200 लोग सुबह से शाम तक नाश्ते के लिए आते हैं। यहां पर लोग फाफड़ा, खमण चाव से खाते हैं।
कईयों को रोजगार भी दे रहे हैं लारी-गल्ले
अहमदाबाद में एक अनुमान के अनुसार करीब तीन लाख लोग लारी-गल्ले, फुटपाथ पर बिछौना बिछाकर नाश्ता व अन्य का व्यापार करते हैं। इससे ज्यादातर को स्वरोजगार मिल रहा है साथ ही कई लोग तीन से चार लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। अहमदाबाद में करीब २५ से ३० हजार चाय-नाश्ते वालों की लारियां-गल्ले हैं। इससे सुबह-सुबह करीब एक लाख से ज्यादा लोग अपनी भूख मिटाते हैं।
-अशोक पंजाबी, अध्यक्ष, लारी-गल्ला लड़त समिति, अहमदाबाद
Published on:
15 May 2019 03:21 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
