
अहमदाबाद. बोपल गांव में स्थित जमीन को हथियाने के लिए जिंदा महिला का मृत्यु प्रमाण-पत्र पेश करके जमीन के दस्तावेज में नाम दर्ज कराने का मामला सामने आया है।
नाम को जमीन के कागजातों में नियमित रूप से दर्ज करने के लिए बोपल तहसीलदार के पास कागजात पहुंचने पर उनकी ओर से इस मामले में जमीन के असली वारसदारों का संपर्क किया गया। तहसीलदार का फोन आने पर महिला वीणाबेन ठाकोर को पता चला और उसने इस मामले में खुद के जिंदा होने और पेश किए गए कागजातों के फर्जी होने की बात कहते हुए बोपल थाने में तीन लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी व ठगी का मामला दर्ज कराया है।
इसमें धोलका तहसील के बदरखा गांव निवासी ठाकोर वेलाजी कानाजी, खोडियारनगर तेजेन्द्रपार्क निवासी अजय पांडे, वेजलपुर जय आरती सोसायटी निवासी डूंगरसिंह परमार शामिल हैं।
इन पर आरोप है कि वेलाजी ठाकोर ने वीणाबेन ठाकोर के फर्जी हस्ताक्षर करके जमीन के कागजात पेश किए। वीणाबेन और उनके पुत्र की भी मौत हो जाने की बात कहते हुए दोनों के मृत्यु प्रमाण-पत्र पेश करके बोपल में स्थित वीणाबेन की जमीन पर खुद का नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया। इसमें आठ लोगों के नाम बारिशदारों के रूप में दर्ज करने के लिए कहा गया। वीणाबेन का कहना है कि इन लोगों को वह जानती तक नहीं हैं। पेश किए गए दस्तावेजों भी झूठे हैं। उनमें नाम फर्जी बतो गए हैं। बनाए गए दस्तावेज में अजय पांडे और डूंगरसिंह परमार के फोटो लगे हैं और गवाह के रूप में हस्ताक्षर हैं। इस मामले का पता चलने पर संपर्क किया गया। मामला बोपल तहसीलदार कार्यालय में पहुंचने पर कच्ची नोंध के तहत दर्ज किए गए वेलाजी ठाकोर के नाम को रद्द कर दिया गया है। इस मामले में वीणाबेन ने वेलाजी ठाकोर व अन्य के विरुद्ध बोपल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
Published on:
03 May 2018 10:02 pm
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