26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Gujarat: गुजरात में मिला मंकी पॉक्स का पहला शंकास्पद मामला, जामनगर के 29 वर्षीय मरीज में दिखे लक्षण

First suspected case, Monkeypox, Gujarat, jamnagar

2 min read
Google source verification
Gujarat: गुजरात में मिला मंकी पॉक्स का पहला शंकास्पद मामला, जामनगर के 29 वर्षीय मरीज में दिखे लक्षण

Gujarat: गुजरात में मिला मंकी पॉक्स का पहला शंकास्पद मामला, जामनगर के 29 वर्षीय मरीज में दिखे लक्षण

First suspected case of Monkeypox in Gujarat, Samples sent for testing

कोरोना के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में खलबली मचाने वाले मंकी पॉक्स संक्रमण का शंकास्पद मरीज गुजरात में भी सामने आया है। जामनगर जिले के नावा नागना गांव के 29 वर्षीय मरीज में मंकी पॉक्स बीमारी के लक्षण दिखे हैं। इस व्यक्ति की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मरीज के नमूने को जांच के लिए भेजा गया है।
एमपी शाह सरकारी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ नंदिनी देसाई के मुताबिक मरीज को उच्च बुखार सहित मंकी पॉक्स के कुछ लक्षण दिखे। फिलहाल मरीज को शहर के जी जी अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती किया गया है। मरीज के नमूने लेकर जांच के लिए अहमदाबाद स्थित बी.जे. मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं।
जामनगर जिले में मंकी पॉक्स के लक्षण दिखने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। मंकी पॉक्स के संभावित मरीजों को ध्यान में रखकर जामनगर के जीजी अस्पताल में भी विशेष वार्ड तैयार किया गया है। नमूने भेजने के साथ-साथ इस मरीज के साथ संपर्क में आने वाले और परिवार के सदस्यों के भी नमूने लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि मरीज की स्थिति फिलहाल ठीक बताई गई है। इस पर अस्पताल के चिकित्सक नजर बनाए हुए हैं। नमूने की जांच के बाद ही बीमारी के संबंध में स्पष्ट पता चल सकेगा।
मंकीपॉक्स एक वायरल बीमारी है जो पशुओं से मानव में फैलती है। इसमें स्मॉल पॉक्स की तरह लक्षण दिखते हैं हालांकि यह चिकित्सकीय रूप से कम गंभीर होता है। इसके लक्षण दो से चार सप्ताह तक दिखते हैं। लक्षणों में बुखार, सिर दर्द, चकते, गले में सूजन, खांसी आदि शामिल हैं।

देश में अब तक 9 मामले, एक की मौत

देश में मंकी पॉक्स का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। भारत में भी मंकी पॉक्स के 9 मामले आ चुके हैं। इनमें पांच केरल और 4 मामले दिल्ली में सामने आए हैं। इनमें से एक मरीज की मौत हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक इस साल अब तक 80 देशों में 20 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।