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फर्जी कंपनी के जरिए जीएसटी चोरी के मामले में पत्रकार सहित चार गिरफ्तार

पत्रकार की पत्नी व पिता एक कंपनी से जुड़े, खुद कर रहा था संचालन, घर से मिले 20 लाख नकद

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फर्जी कंपनी बनाकर जीएसटी की चोरी करने के मामले में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पत्रकार महेश लांगा सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया। तीन अन्य आरोपियों में एजाज मालदार (30), अब्दुल कादर उर्फ बापू कादरी (33) और ज्योतिश गोंडलिया (42) शामिल हैं। लांगा के घर से 20 लाख रुपए की नकदी बरामद की गई है। आभूषण और कुछ दस्तावेज बरामद भी मिले हैं।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) भरत पटेल ने बताया कि महेश लांगा फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट पाकर सरकार को चपत लगाने के मामले से जुड़ी एक फर्जी कंपनी डी ए एंटरप्राइज के मालिक मनोज लांगा के चचेरे भाई हैं। जांच में पता चला कि इस कंपनी में पत्रकार की पत्नी की भी हिस्सेदारी है। उनके पिता भी इस कंपनी से जुड़े हैं। पत्नी और पिता के इसमें नाम हैं। हकीकत में महेश लांगा ही इस कंपनी का कामकाज कर रहे थे। यह तथ्य सामने आने पर उनसे पूछताछ की गई और उनके घर पर दबिश दी गई। घर से मिली नकदी के बारे में भी वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिसके चलते उसे जब्त कर लिया गया। लांगा को गिरफ्तार कर लिया गया है।

इसके अलावा इस मामले में लिप्त एक और कंपनी हरेश कंस्ट्रक्शन के मालिक ज्योतिश गोंडलिया (42) को भी गिरफ्तार किया गया है। गोंडलिया सूरत के मोटा वराछा का रहने वाला है। इस कंपनी में उसकी पत्नी भी हिस्सेदार है। इसके अलावा वडोदरा निवासी निलेश नसित भी हिस्सेदार है। फर्जी कंपनियों के मामले में दो और आरोपियों एजाज मालदार और अब्दुल कादर उर्फ बापू को भी पकड़़ा है। ये दोनों ध्रुवी एंटरप्राइज से जु़ड़े बताए जाते हैं। यह पूरी कंपनी ही फर्जी दस्तावेजों पर और फर्जी पते पर बनाई गई थी।

12 फर्जी कंपनियों विरुद्ध दर्ज की है एफआईआर

क्राइम ब्रांच ने केंद्रीय जीएसटी से शिकायत मिलने के बाद सोमवार को फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाकर सरकार को धोखा देने के इरादे से चल रही 12 फर्जी कंपनियों और कई व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके साथ क्राइम ब्रांच ने आर्थिक अपराध शाखा और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के साथ मिलकर अहमदाबाद, जूनागढ़, सूरत, खेड़ा और भावनगर समेत राज्य भर में 14 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की थी।

देश में ऐसी 200 फर्जी कंपनियां

क्राइम ब्रांच ने कहा कि फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाकर सरकारी खजाने को चूना लगाने के मामले में देश भर में 200 से अधिक फर्जी कंपनियां बनाई गईं थीं। कर चोरी के लिए ऐसी फर्मों के निर्माण के लिए जाली दस्तावेजों और पहचान का उपयोग किया गया था। यह एक बड़ा रैकेट होने की आशंका है। इसमें जाली बिलों और दस्तावेजों के जरिए देश को करोड़ों रुपये की वित्तीय हानि पहुंचाने की आशंका है।

विधायक का बेटा भी आरोपी

क्राइम ब्रांच ने इस मामले में ध्रुवी एंटरप्राइज के मालिक, अर्हम स्टील के मालिक निमेष वोरा, हेतल वोरा, ओम कंस्ट्रक्शन के मालिक राजेन्द्र सिंह सरवैया, वनराज सिंह सरवैया, ब्रिजराज सिंह सरवैया और हित्वराज सिंह, कनकेश्वरी एंटरप्राइज के मालिक कालू वाघ, प्रफुल वाजा, मनन वाजा, जयेश वाजा, विजय वाघ , राज इन्फ्रा के मालिक रत्नदीप सिंह डोडिया, जयेश कुमार सुतरिया, अरविंद सुतरिया व हरेश के खिलाफ मामला दर्ज किया। साथ ही कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक निलेश नसित, ज्योतिश गोंडलिया, प्रभा गोंडलिया, डी ए एंटरप्राइज के मालिक मनोज लांगा, विनू पटेल, इथिराज कंस्ट्रक्शन के मालिक निलेश नसित, प्रभा गोंडलिया के भी नाम हैं। इसके साथ ही बी जे ओडेदरा कंपनी के मालिक भगीरथ ओडेदरा, केशू ओडेदरा, भोजा ओडेदरा, अभा जेसाभाई विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज है। इसके अलावा आर एम दासा इन्फ्रास्ट्रक्टर कंपनी के मालिक नाथा दासा व रणमल दासा के विरुद्ध मामला दर्ज किया है। इसमें आर्यन एसोसिएट्स के मालिक अजय बारड, विजय बारड, रमेश बारड के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की गई है।क्राइम ब्रांच सूत्रों के तहत अजय बारड़ विधायक भगवान बारड का बेटा है। पृथ्वी बिल्डर्स के मालिक परेश डोडिया और परेश डोडिया के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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