
ऊंचे ब्याज का झांसा देकर 6000 करोड़ रुपए की ठगी करने के मामले की जांच कर रही सीआईडी क्राइम को पता चला कि आरोपी के झांसे में आकर 11 हजार लोगों ने इसकी योजनाओं में निवेश किया था। इन सभी लोगों ने कितना निवेश कब किया था उसका पूरा डाटा भी सीआईडी क्राइम ने जब्त किया है। इस मामले में फोरेंसिक फाइनेंशियल ऑडिट भी कराया जा रहा है। झाला 4 जनवरी तक रिमांड पर है।
सीआईडी क्राइम की डीआईजी परीक्षिता राठौड़ ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि पकड़े गए मुख्य आरोपी भूपेंद्र सिंह झाला की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने एक अलग सर्वर बनाया हुआ था। इसने बीजेडट्रेडडॉट इन नाम की वेबसाइट पर हर दिन निवेशकों की एंट्री किए जाने की बात कबूली, जिससे इस वेबसाइट का डाटा रिकवर किया है। इसमें 11 हजार के निवेश का डाटा मिला है। जिसके तहत अब तक 400-450 करोड़ के निवेश की जानकारी मिली है। इसमें से करीब 250 करोड़ चुकाए होने की बात सामने आ रही है। 100 करोड़ रुपए चुकाने बाकी हैं।
शिकायतकर्ता ने 6000 करोड़ की ठगी का आरोप लगाया था,जिससे एफआईआर दर्ज की गई। कितने की ठगी है उसकी जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के समय मिले मोबाइल फोन से मुख्य एजेंटों के नाम, उनसे की कई चैट मिली है। यह चार फोन उपयोग करता था। एफआईआर होने के बाद चार नए फन खरीदे थे। तीन नए सिमकार्ड लिए। तीननए डोंगल लिए। फरार रहने के दौरान आरोपी वॉट्सएप कॉल से संपर्क में रहता था।
डीआईजी राठौड़़ ने बताया कि जांच में पता चला है कि एक करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश 10 लोगों ने किया था। इनके नाम का पता चला है। इसके अलावा 3 क्रिकेटरों की ओर से भी निवेश किए जाने की बात सामने आई है, जिसमें से एक ने 10 लाख, दूसरे ने 25 लाख का निवेश किया था।
आरोपी ने निवेशकों को लुभाने के लिए पेम्पलेट बांटे थे। वॉट्सएप पर ग्रुप भी बनाए थे। ऑनलाइन प्रचार किया था। यह पांच लाख का निवेश करने पर मोबाइल देता था। 10 लाख के निवेश पर टीवी व अन्य महंगी गिफ्ट देता था। सब एजेंट व एजेंट को 2.5 से पांच प्रतिशत व उससे ज्यादा कमीशन देता था। इसने बीजेड फायनेंशियल सर्विस कंपनी के 17 कार्यालय खोले थे, जिसमें से प्रांतिज, हिम्मतनगर, विजापुर, पालनपुर, रायगढ़, भिलोडा, खेडब्jह्मा, गांधीनगर, रणासण, मोडासा, मालपुर, लूणावाडा, गोधरा, बायड, वडोदरा, राजुला और राजस्थान के डूंगरपुर में भी शाखा खोली थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी मध्यप्रदेश के बगलामुखी इलाके में भाग गया। उसके बाद राजस्थान गया जहां 15 दिन रुका। इसके बाद मेहसाणा जिले के दवाडा गांव के फार्महाऊस में 14 दिन से ठहरा था।
आरोपी ने निवेशकों के पास से 17-18 संपत्तियां खरीदी होने की बात सामने आई है। करीब 100 करोड़ की संपत्ति होने की बात सामने आई है। अब तक इस मामले में झाला सहित 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
सीआईडी क्राइम की जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक क्रिप्टो करेंसी में 10 करोड़ का निवेश किया था। उससे 18 करोड़ मिले थे। जिसके बाद इसने निवेश कर ठगी का कार्य शुरू किया। इसके क्रिप्टो करेंसी में निवेश की जांच की जा रही है। इसके साथ इसके परिजनों और मित्रों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
Updated on:
30 Dec 2024, 11:15 PM IST
Published on:
30 Dec 2024, 11:15 PM IST
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