अहमदाबाद. गणेश महोत्सव में भी इस बार महंगाई का असर नजर आएगा। गणेश प्रतिमाएं इस बार 25 से 30 फीसदी तक महंगाई हो गई हैं। हालांकि गणेशोत्सव मनाने वालों में खासा उत्साह देख रहा। लोग विशेषतौर पर मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं की बुकिंग पन्द्रह दिन पहले से ही करा रहे हैं। गणेश चतुर्थी को ज्यादातर मिट्टी के गणेश घर-घर बिराजेंगे।
चीजवस्तुओं के बढ़ते दामों के चलते अब त्योहारों पर भी महंगाई का असर देखने लगा है। कोरोना महामारी के दो वर्षों बाद गणेशोत्सव मनाने के लिए लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। शहर के पूर्वी इलाके विशेषतौर पर हाटकेश्वर, सरसपुर, बापूनगर, रखियाल समेत इलाकों में गणेश प्रतिमाएं सज गई हैं। विशेषतौर पर मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं ज्यादातर नजर आ रही हैं। कलाकार भी गणेश प्रतिमाओं का रंगरोगान कर अंतिम रूप दे रहे हैं। उधर, गणेशोत्सव मनाने वाले भी पांडाल सजाने की तैयारियों में जुट गए हैं। आम लोग भी अपने घरों में गणेश प्रतिमाएं की स्थापना करने की तैयारियां कर रही हैं। घरों में प्रतिमा स्थापित करनेवाले ज्यादातर लोग छोटी मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं बुक कर रही है। बापूनगर में भी मिट्टी आकर्षक गणेश प्रतिमाएं बिक्री के लिए रखी गई हैं, जहां लोग प्रतिमाएं बुक करा रहे हैं।
प्रतिमाएं 25 से 30 फीसदी तक महंगी
श्री गणेश इको फ्रेंडली महोत्सव प्रचार समिति के संयोजक प्रकाशसिंह राजपूत मिट्टी से बनी इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमा के प्रति जागरुक कर रहे है। उन्होंने यहां स्टॉल लगाया है ताकि लोग मिट्टी से बनी इको फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं ले जाएं। गणेश बुक कराने के लिए मनोज भदौरिया और अमृत रावल भी आए हैं। उन्होंने मिट्टी की प्रतिमाओं की जानकारी ली। उनके साथ उनका बेटा करण भी गणेश प्रतिमाओं को रंगरोगन कर अंतिम रूप दे रहा है।
प्रतिमा का घर पर कर सकते हैं विसर्जन
सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप सोनी ने बताया कि इको फ्रेंडली प्रतिमाओं को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ी है। मिट्टी से बनी ज्यादातर प्रतिमाएं महाराष्ट्र से मंगाई जाती हैं और काफी सावधानी से लाई जाती हैं ताकि क्षतिग्रस्त नहीं हो। इन प्रतिमाओं को घर पर ही विसर्जित किया जा सकता है।