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जीएफएसयू, आरएसयू को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने वाले विधेयक राज्यसभा में भी पारित

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जीएफएसयू, आरएसयू को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने वाले विधेयक राज्यसभा में भी पारित

जीएफएसयू, आरएसयू को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने वाले विधेयक राज्यसभा में भी पारित

अहमदाबाद. गांधीनगर स्थित गुजरात फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (जीएफएसयू) और गांधीनगर के दहेगाम के लवाड गांव स्थित रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी (आरएसयू) को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा व केन्द्रीय विवि का दर्जा प्रदान करने वाले बिल को मंगलवार को राज्यसभा में भी पारित कर दिया गया। इससे पूर्व ये दोनों बिल लोकसभा में पारित हो चुके हैं। अब इन्हें राष्ट्रपति की मंजूरी मिलनी शेष रह गई है। दोनों ही विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के रूप में क्रमोन्नत करते हुए इन्हें केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा भी दिया गया है।
जीएफएसयू के लिए 'द नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी बिल २०२०Ó और आरएसयू के लिए 'राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी बिल २०२०Ó को राज्यसभा में पेश किया गया और पारित भी कर दिया गया। जीएफएसयू और आरएसयू दोनों ही यूनिवर्सिटी को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इम्पोर्टेंस) का भी दर्जा प्रदान किया गया है।
इसके चलते अब जीएफएसयू का नाम बदलकर नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) हो जाएगा, जबकि रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी (आरएसयू) का नाम राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (आरआरयू) हो जाएगा।
इन दोनों ही विश्वविद्यालयों की स्थापना मुख्यमंत्री रहते हुए नरेन्द्र मोदी ने की थी। अपराध अन्वेषण के क्षेत्र में फोरेंसिक विशेषज्ञों की कमी को पूरा करने और सुरक्षा के लिहाज से देेश को बेहतर पुलिस जवान और रक्षा विशेषज्ञ उपलब्ध कराने के लिहाज से शुरू किए गए इन दोनों ही विश्वविद्यालयों को सोमवार को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान कर दिया गया है।