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रो-रो फेरी में अब यात्रियों के साथ वाहन भी जाएंगे

-घोघा दहेज रो-पैक्स फेरी सेवा 27 से आरंभ होगी, सीएम करेंगे उद्घाटन -भारत में अब तक की पहली सेवा

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Ro-Ro ferry service, Ghogha-Dahej

रो-रो फेरी में अब यात्रियों के साथ वाहन भी जाएंगे

अहमदाबाद. सौराष्ट्र व दक्षिण गुजरात को समुद्र के रास्ते जोडऩे वाले घोघा-दहेज रो-रो फेरी सेवा में अब यात्रियों के साथ-साथ वाहन भी जा सकेंगे। घोघा-दहेज रो-पैक्स फेरी सेवा का शुभारंभ 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी करेंगे। घोघा टर्मिनल पर दक्षिण कोरिया में निर्मित जहाज -वॉएज सिम्फनी-अपनी पहली यात्रा आरंभ करेगा। पिछले वर्ष 22 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसी रूट पर यात्रियों के लिए रो-रो फेरी सेवा का उद्घाटन किया था।


रो-पैक्स फेरी सेवा से सौराष्ट्र से दक्षिण गुजरात के बीच का अंतर काफी कम हो जाएगा। सडक़ के रास्ते भावनगर जिले के घोघा से भरूच जिले के दहेज तक की दूरी तय करने में 10 से 12 घंटे लगते हैं जबकि इस सेवा के मार्फत इसमें सिर्फ डेढ़ घंटे ही लगेंगे। फिलहाल सडक़ के रास्ते भावनगर से सूरत जाने और सूरत से भावनगर आने में 36 घंटे लगते हैं, लेकिन अब रो-रो फेरी के सहारे आने-जाने में इसमें 12 घंटे ही लगेंगे।
इस जहाज के मार्फत एक बार 60 ट्रक, 5-7 बस, 35-40 कार, 40 बाइक के साथ-साथ 525 यात्री जा सकेंगे। इसके लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई है।


इस सेवा को संचालित करने वाली कंपनी डीजी सी कनेक्ट के सीएमडी चेतन कॉन्ट्रैक्टर ने बताया कि फिलहाल यह जहाज दिन में दो राउंड लगाएगा वहीं छह महीने के भीतर एक दिन में छह ट्रिप की योजना है। अभी कंपनी एक पैसेन्जर जहाज और वाहनों व यात्रियों वाले दूसरे जहाज से काम कर रही है। 70 फीसदी भराव होने पर कंपनी दूसरे जहाज की व्यवस्था करेगी।


कंपनी इस सेवा के तहत सूरत से भावनगर के बीच बस सेवा आरंभ करेगी। इसके तहत यात्री सूरत, भरूच या अंकलेश्वर से सवार होंगे। यह बस दहेज तक पहुंचेगी। इसके बाद यह बस जहाज पर आएगी। यात्री बस से उतरकर जहाज में बैठकर सफर का मजा लेंगे। इसके बाद बस घोघा उतरेगी। यहां से यात्री भावनगर या अन्य गंतव्य स्थलों तक जा सकेंगे। बस दहेज से घोघा के बीच फेरी सेवा के तहत जुड़ेगी। इससे समय के साथ-साथ ईंधन की बचत होगी। सडक़ की अपेक्षा यह सफर किफायती भी होगा।


उन्होंने बताया कि खंभात की खाड़ी में लहरें काफी ज्यादा अशांत होती है, यहां पर लहरें 11 मीटर ऊंची व नीची जाती हैं वहीं दिन में पानी का करंट 4-5 नॉटिकल मील होता है। यह काफी चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट है। इन परिस्थितियों में इस प्रोजेक्ट का निर्माण काफी अहम है।
इंडिगो सी वेज कंपनी लिमिटेड भविष्य में अब कच्छ-सूरत, कच्छ-मुंबी और पीपावाव-मुंबई की संभावनाएं भी तलाश रही है।