
Gujarat government Decision : बकरी के दूध की बिक्री को लेकर खाका तैयार कर रही है राज्य सरकार
गुजरात सरकार अब राज्य में बकरी के दूध की भी बाजार व्यवस्था बनाने पर सक्रियता से विचार कर रही है। यह गुजरात सरकार की नई पहल होगी। सुरेन्द्रनगर जिला भेड़-बकरी पालक मालधारी संगठन ने यह मांग की थी। इसको लेकर शुक्रवार को राज्य के पशुपालन मंत्री राघवजी पटेल ने संगठन के पदाधिकारियों व अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर बैठक की।
पशुपालन मंत्री ने कहा कि अमूल ब्रांड के सफल सहकारी ढांचे के तहत गाय, भैंस, ऊंटनी के दूध का एकत्रीकरण और उसकी बाजार व्यवस्था है। अब भेड़-बकरी के दूध को भी इस ब्रांड के तहत बाजार में उतारने पर विचार किया जाएगा।गुजरात दूध के उत्पादन में लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके लिए गाय-भैंस और कच्छ जिले में ऊंटनी के दूध की बाजार व्यवस्था का अमूल ब्रांड का उत्तम सहकारी ढांचा सफलतापूर्वक कार्यरत है।
पशुपालकों के साथ-साथ गुजरात में बकरी पालन से जुड़े मालधारियों को भी आर्थिक तौर पर समृद्ध और स्वनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और पशुपालन मंत्री राघवजी पटेल के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सक्रियता से विचार कर रही है। बैठक में पशुपालन निदेशक, गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के प्रतिनिधि, सुरेन्द्रनगर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ के वरिष्ठ अधिकारी, सुरेन्द्रनगर जिला भेड़-बकरी पालक मालधारी संगठन के अध्यक्ष समेत कई प्रतिनिधि उपस्थित थे।
राज्य में 48 लाख बकरियां, बकरी के दूध का दो फीसदी योगदान
मंत्री पटेल ने कहा कि पिछली पशु गणना के मुताबिक गुजरात में बकरी श्रेणी के पशुओं की संख्या 48 लाख से ज्यादा है। गुजरात में मिलने वाले 167 लाख मीट्रिक टन दूध में से बकरी के दूध का योगदान दो फीसदी है। राज्य में गाय, भैंस और ऊंटनी के दूध के लिए जिस तरीके से अमूल ब्रांड का बेहतर सहकारी ढांचा उपलब्ध है वैसे ही आगामी वर्षों में अनेक गुणधर्मों वाले बकरी के दूध के लिए भी अमूल का सहकारी ढांचा कार्यरत किया जा सकता है। भारत सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की ओर से फरवरी-2023 के गजट में बकरी के दूध का संशोधित मानक जारी किया है, जो सितंबर 2023 से क्रियान्वित हो गया है।
अमूल, सुरेन्द्रनगर जिला दूध उत्पाद संघ को प्रोजेक्ट के निर्देश
पशुपालन मंत्री ने इस मामले में फिलहाल गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क फेडरेशन-आणंद (अमूल) और सुरेन्द्रनगर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ को पशुपालक संघ के साथ मिलकर विस्तृत मंथन कर बकरी के दूध के मूल्य, पैकेजिंग, मार्केटिंग समेत के मुद्दों को शामिल कर प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। आगामी समय में दूध संजीवनी प्रोजेक्ट के तहत बकरी का दूध भी दिया जा सकता है।
Published on:
27 Oct 2023 09:43 pm
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