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उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए पांच लाख की मदद करेगी सरकार

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा है कि एक अहम घोषणा की कि पैसे के अभाव में राज्य के जरूरतममंद व होनहार विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए मदद

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Government will help five lakhs for higher education

Government will help five lakhs for higher education

अहमदाबाद।मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा है कि एक अहम घोषणा की कि पैसे के अभाव में राज्य के जरूरतममंद व होनहार विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए मदद किया जाएगा। सीएम के मुताबिक जरूरतमंद अनाथ-विधवा माता के संतानों, दिव्यांगों, सेना व पुलिस के शहीद जवानों के बच्चों को पैसे के अभाव में उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए पांच लाख रुपए की मदद सरकार करेगी।

ऐसे ढाई हजार विद्यार्थियों को प्रति वर्ष यह लाभ मिलेगा। शहर में शुक्रवार को गुजरात यूनिवर्सिटी कन्वेंशन सेन्टर में राज्य के शिक्षा विभाग की ओर से ग्रैंड एजुकेशन फेयर के उद्घाटन समारोह में उन्होंने यह बातें कहीं।तीन दिवसीय मेले में 84 हजार युवाओं को करियर संबंधी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री के अनुसार सी-फॉर कॉलेज तथा सी-फॉर करियर का समय भी है। युवा शक्ति में कौशल, इच्छाशक्ति, जोश तीनों हैं। उन्हें उचित दिशानिर्देश देकर मंजिल तक पहुंचाने का काम सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाशक्ति को वैश्वीकरण व प्रतिस्पर्धा के इस युग में आधुनिक प्रवाह-कौशल विकास व इनोवेशन के साथ कदम मिलाने की बात कही। इस मेले में 84 हजार विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है वहीं राज्य के 44 विवि, उच्च व तकनीकी कॉलेज के 58 कॉलेज, निजी विदेशी सलाहकार, विदेशी काउंसिल भाग ले रहे हैं।


इस अवसर पर शिक्षा मंत्री भूपेन्द्रसिंह चुडास्मा, राज्य मंत्री विभावरीबेन दवे, उच्च शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव अंजु शर्मा, विधायक राकेश शाह, युुनिवर्सिटी ग्रंथ निर्माण बोर्ड की अध्यक्ष भावनाबेन दवे, गुजरात विवि के कुलपति हिमाशु पंड्या, जीटीयू के कुलपति नवीनचंद्र शेठ, केसीजी के सलाहकार प्रो. ए.यू. पटेल, विभिन्न विवि के कुलपति, कॉलेज के प्राचार्य सहित विद्यार्थी उपस्थित थे।

१५-२५-२७ हजार फीस को माना जाए प्रोवीजनल: अभिभावक

सुप्रीमकोर्ट की ओर से निजी स्कूलों को प्रोवीजनल फीस घोषित करके उससे ज्यादा फीस नहीं लेने का निर्देश दिया है। ऐसे में अभिभावक एसोसिएशन जागेगा गुजरात संघर्ष समिति एवं पेरेन्ट्स एकता मंच ने १५-२५-२७ हजार रुपए सालाना स्लैब फीस के कट ऑफ को ही प्रोविजनल फीस माने जाने की बात कही है।


जागेगा गुजरात संघर्ष समिति के प्रकाश कापडिय़ा ने कहा कि गुजरात निजी स्कूल फीस नियमन अधिनियम-२०१७ में उल्लेखित प्राथमिक के लिए १५ हजार, माध्यमिक के लिए २५ और उच्चतर माध्यमिक कक्षाओं के लिए २७ हजार रुपए की फीस की मर्यादा को ही प्रोविजनल फीस माना जाए। इसके बावजूद भी वे कानूनी राय लेंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार सुप्रीमकोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशों की जल्द पालना कराते हुए अभिभावकों के साथ न्याय करें। यदि इसमें विलंब हुआ तो संगठन राज्यभर में प्रदर्शन करेंगे।