अहमदाबाद

एक देशी गाय से 30 एकड़ जमीन में हो सकती है प्राकृतिक खेती: राज्यपाल

Governor of Gujarat give admission certificates to PHD Students of Gujarat university -जीयू के प्राकृतिक कृषि पी.एच.डी. कोर्स के छह विद्यार्थियों को राज्यपाल ने प्रदान किए प्रवेश पत्र  

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एक देशी गाय से 30 एकड़ जमीन में हो सकती है प्राकृतिक खेती: राज्यपाल

Ahmedabad. राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मंगलवार को राजभवन में गुजरात यूनिवर्सिटी (जीयू) के प्राकृतिक कृषि पी.एच.डी. कोर्स में प्रवेश लेने वाले छह विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र प्रदान किए।
इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि ऑर्गेनिक कृषि और प्राकृतिक कृषि दोनों बिल्कुल अलग हैं। ऑर्गेनिक कृषि में शुरुआत के वर्षों में उत्पादन घटता है, कृषि खर्च नहीं घटता। जबकि प्राकृतिक कृषि में एक देशी गाय की सहायता से 30 एकड़ जमीन पर खेती की जा सकती है। विधि से प्राकृतिक कृषि की जाए तो उत्पादन भी नहीं घटता है।
उन्होंने कि प्राकृतिक कृषि क्षेत्र में होने वाली शोध समग्र विश्व को कृषि विकास का नया मार्ग दिखलाएंगे। राजभवन में राज्यपाल ने गुजरात के दो विद्यार्थियों के साथ ही यूथोपिया के दो, सूडान और म्यांमार के एक-एक विद्यार्थी को प्राकृतिक कृषि में पीएचडी का प्रवेश पत्र प्रदान किया।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कृषि से जल- जमीन और पर्यावरण की रक्षा होती है। देशी गाय का जतन, संवर्धन भी होता है। कृषि खर्च नहीं के बराबर आता है। स्वास्थ्यप्रद उत्पाद प्राप्त होते हैं। राज्यपाल ने रिसर्च के जरिए प्राकृतिक कृषि को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाने का अनुरोध किया।

देश में 11 लाख हेक्टेयर में हो रही प्राकृतिक खेती: पटेल
नीति आयोग की वरिष्ठ सलाहकार डॉ. नीलम पटेल ने कहा कि देशभर में प्राकृतिक खेती को किसान उत्साहजनक तरीके से अपना रहे हैं। वित्तीय लाभ दिए बिना ही सिर्फ प्रशिक्षण देने पर दो सालों में देश के 11 राज्यों में 11 लाख हेक्टेयर भूमि में किसानों ने प्राकृतिक कृषि करना शुरू कर दिया है। यह पंजीकृत आंकड़े हैं गैर पंजीकृत आंकड़े इससे ज्यादा होंगे। गुजरात में 3.17 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 2.49 लाख किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। राजस्थान में 9 हजार हेक्टेयर में 36 हजार किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। गंगा के किनारे के पांच किलोमीटर इलाके में पांच राज्यों में प्राकृतिक कृषि पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अब तक की शोध में सामने आया कि बंजर और सिंचाई से वंचित क्षेत्र की भूमि में यह खेती काफी सफल हो रही है।

प्राकृतिक कृषि का नेशनल कंसोर्टियम बनाने का विचार
डॉ. नीलम पटेल ने कहा कि प्राकृतिक कृषि क्षेत्र में शोध के लिए नेशनल कंसोर्टियम बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। देशभर में नेशनल मिशन ऑफ नेचुरल फार्मिंग के तहत विश्वविद्यालयों को इसमें इनोवेशन, नई रिसर्च के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है। गांधीनगर राजभवन में जीयू ने सात अलग अलग विवि व संस्थानों के साथ इस संबंध में एक एमओयू भी किया है, जो इसमें मददगार साबित होगा।

Published on:
08 Nov 2022 10:22 pm
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