
जीएसओएस का बड़ा निर्णय: अब घर के पास के स्कूल में पढ़ाई भी कर सकेंगे पंजीकृत विद्यार्थी
Ahmedabad. गुजरात सरकार ने नई शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों और शिक्षा छोड़ चुके विद्यार्थियों को मुख्य धारा में लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर बड़ा निर्णय किया है। इसके तहत गुजरात स्टेट ओपन स्कूल (जीएसओएस) में पंजीकृत विद्यार्थी 10वीं, 12वीं सामान्य संकाय की बोर्ड परीक्षा निजी विद्यार्थी के रूप में देने के साथ-साथ उनके घर के पास की किसी भी सरकारी व अनुदानित माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्कूल में जाकर पढ़ाई भी कर सकेंगे। स्कूल की कंप्यूटर लैब, स्मार्ट लैब व संसाधनों का मुफ्त में उपयोग कर सकेंगे। विद्यार्थी नौवीं और 11वीं सामान्य संकाय में भी प्रवेश ले सकते हैं। पढ़ाई कर सकते हैं। पंजीकरण भी वे घर के पास की सरकारी प्राइमरी, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक स्कूल में करा सकते हैं। गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (जीएसईबी) ने शुक्रवार को जीएसओएस के विद्यार्थियों के लिए किए गए इस महत्वपूर्ण निर्णय की अधिसूचना जारी की है। इसके तहत ग्रामीण स्तर पर जिले की किसी एक सरकारी माध्यमिक या उच्चतर माध्यमिक स्कूल, आरएमएसए स्कूल या फिर मॉडल स्कूल को जीएसओएस विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए स्टडी सेंटर बनाया जाएगा। डीईओ को एक अधिकारी को इसके संयोजक के रूप में तैनात करना होगा। विद्यार्थियों को मुफ्त में बोर्ड की ओर से पाठ्यपुस्तकें एवं ई शाला एप की सुविधा दी जाएगी।
13 साल पूरे होने पर नौवीं में कर सकेंगे पंजीकरण
अधिसूचना के तहत जीएसओएस में विद्यार्थी के रूप में कक्षा 9 में उस विद्यार्थी को प्रवेश दिया जा सकता है जिसकी आयु एक जून को 13 साल पूरी हो गई हो। 10वीं में प्रवेश के लिए एक जून को 14 साल की आयु पूरी होनी अनिवार्य है। 11वीं सामान्य संकाय में प्रवेश के लिए 10वीं उत्तीर्ण होना जरूरी है। 12वीं सामान्य संकाय में प्रवेश के लिए 11वीं पास होने के बाद दो साल का अंतराल जरूरी है। इसके तहत किसी सरकारी, अनुदानित, निजी स्कूल में पंजीकृत न हों ऐसे विद्यार्थियों और कभी स्कूल न गए हों ऐसे तथा बीच में पढ़ाई छोड़ चुके और अब पढ़ाई की इच्छा रखने वाले युवाओं को यह सुविधा दी जाएगी।
10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षा होगी साथ, प्रश्न-पत्र एक
जीएसईबी की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जीएसओएस के तहत 10वीं व 12वीं सामान्य संकाय की बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत होने वाले विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षा भी मार्च महीने में बोर्ड के नियमित विद्यार्थियों के साथ ली जाएगी। उनका प्रश्न-पत्र और पाठ्यक्रम भी एक समान ही होगा। छात्राओं और दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा फीस भी नहीं देनी होगी। प्रायोगिक विषयों की परीक्षा स्टडी सेंटर पर या निर्धारित स्कूल में देने की व्यवस्था की जाएगी।
Published on:
08 Sept 2023 10:25 pm
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