
गुजरात में 108 एम्बुलेंस : 1.37 करोड़ इमरजेंसी मामलों में की मदद
अहमदाबाद. Gujarat गुजरात में सोमवार (29 सितम्बर) को 108 Ambulance Service 108 एम्बुलेंस सेवा को 15 वर्ष पूरे हो गए। अब तक राज्य में 1.37 करोड़ से अधिक इमरजेंसी मामलों में निशुल्क सेवा दी गई है। इनमें हृदय रोग के 633822 हैं।
प्रदेश में 15 वर्ष में सामने आए इमरजेंसी मामलों में से 1.35 करोड़ मेडिकल संबंंधित हैं। इसके अलावा पुलिस संबंधित 196141 और फायर संबंधित 6146 हैं। राज्य में मुख्य medical emergency मेडिकल इमरजेंसी में 4674852 मामले गर्भ अवस्था संबंधित सामने आए थे। इसके अलावा Road Accident मार्ग दुर्घटनाओं के 1705931, हृदय रोग संबंंधित 633822 तथा श्वसन संंबधित 706606 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
जीवीके इएमआरआई के मुख्य ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) जशवंत प्रजापति के अनुसार किसी भी आपात स्थिति में 108 की मदद ली जा सकती है। स्वास्थ्य संंबंधित, पुलिस व आग संबधित मामलों में भी 108 की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने लोगों से सभी तरह की इमरजेंसी में 108 सेवा की मदद लेने के लिए कहा। वर्ष 2007 से 14 एम्बुलेंस से शुरू की गई इस सेवा में अब 802 एम्बुलेंस का काफिला है। इनमें दो बोट एम्बुलेंस भी शामिल हैं।
प्रतिदिन 3000 से अधिक को पहुंचाया जाता है अस्पताल
सीओओ प्रजापति के अनुसार राज्य में प्रति दिन 3000 से 3200 लोगों को 108 एम्बुलेंस से आपात स्थिति में निशुल्क अस्पताल पहुंचाया जाता है। उनके अनुसार 99 फीसदी कॉल पहली दो रिंग में ही रिसीव होते हैं, यह स्तर अंतरराष्ट्रीय स्तर के औसत से भी बेहतर बताया। ग्रामीण क्षेत्रों में एम्बुलेंस का औसत रिस्पॉन्स टाइम 16 मिनट है। शहरी क्षेत्रों में 11 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 19 मिनट का रहा है। प्रति 27 सेकंड में एम्बुलेंस इमरजेंसी केस को हल करने के लिए रवाना होती है।
Published on:
29 Aug 2022 09:52 pm
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