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गुजरात: हर 23 सेकंड में इमरजेंसी केस अटेंड करने रवाना होती है 108 एम्बुलेंस

-हर दिन 3700 से 3900 लोगों को पहुंचाती है अस्पताल -राज्य में आपातकालीन चिकित्सा सेवा को 16 वर्ष हुए पूरे  

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गुजरात: हर 23 सेकंड में इमरजेंसी केस अटेंड करने रवाना होती है 108 एम्बुलेंस

गुजरात: हर 23 सेकंड में इमरजेंसी केस अटेंड करने रवाना होती है 108 एम्बुलेंस

अहमदाबाद. गुजरात में इमरजेंसी केस अटेंड करने के लिए हर 23 सेकंड में 108 एम्बुलेंस रवाना होती है। प्रति दिन राज्य में 3700 से 3900 लोगों को इमरजेंसी में इस सेवा के माध्यम से अस्पताल तक पहुंचाया जाता है। गुजरात में 108 एंबुलेंस सेवा को मंगलवार को 16 वर्ष पूरे हो जाएंगे।

गुजरात में 29 अगस्त 2007 में शुरू हुई 108 इमरजेंसी सेवा अब तक 1.51 करोड़ इमरजेंसी को प्रतिसाद दे चुकी है। 108 के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) जशवंत प्रजापति के अनुसार राज्य में एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम औसतन 18 मिनट है। शहरी क्षेत्रों में इसका औसत महज 11 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में यह 22 मिनट है। जिन 1.51 करोड़ इमरजेंसी को प्रतिसाद दिया है उनमें से 2.15 लाख से अधिक पुलिस संबंधित और 6.2 हजार फायर संबंधित मामले हैं। साथ ही 14 लाख से अधिक लोगों को आपातकाल से बाहर इस सेवा के माध्यम से लाया गया है। प्रसूति के दौरान हुई इमरजेंसी के 51.27 लाख मामलों में भी यह सेवा मददगार बनी है। इनमें से 132355 मामले ऐसे हैं जिनमें 108 सेवा ने ही घटना स्थल पर ही प्रसूति में मदद की। मेडिकल संबंधित 14967273, मार्ग दुर्घटना के 1869488, हृदय रोग संबंधित 705363 तथा सांस संबंधित 800147 मामलों में 108 सेवा की अहम भूमिका रही। प्रजापति का कहना है। कि जच्चा-बच्चा मृत्युदर में कमी आने में भी सेवा का योगदान रहा है। 16 वर्ष पूर्व 14 एम्बुलेंस से शुरू हुई 108 सेवा में अब 802 एम्बुलेंस का काफिला है। इनमें दो बोट एम्बुलेंस भी शामिल हैं।

एयर एम्बुलेंस ने 37 इमरजेंसी में दिया सहयोग

गुजरात में 108 एम्बुलेंस संचालित एयर एम्बुलेंस की बदौलत गत वर्ष 21 मार्च से अब तक 37 इमरजेंसी में सहयोग दिया गया। भारत में इस तरह की सेवा पहली बार शुरू की गई थी। इसके अलावा दो बोट एम्बुलेंस भी राज्य में कार्यरत हैं।