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Gujarat: 62 Pieces of wood removed from the stomach of patient
जूनागढ़ शहर के सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने मानसिक रूप से विक्षिप्त 40 वर्षीय युवक को असहनीय पीड़ा से मुक्त किया है। दरअसल, वेरावल का यह युवक अपनी पीड़ा को बयां भी नहीं कर पा रहा था लेकिन, परिजनों ने भांप कर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने जटिल सर्जरी कर उसके पेट से कुल्फी में लगाई जाने वाली लकड़ी की तीली व उससे बड़े आकार के 62 टुकड़े, मेंहंदी कॉन की दो प्लास्टिक और प्लास्टिक की 15 स्ट्रॉ निकाली गईं।
जूनागढ़ सिविल अस्पताल के एम.एस. सर्जन डॉ मिनेष सिंधल के अनुसार युवक को असहनीय पेट में दर्द के साथ गत 24 जुलाई को अस्पताल में लाया गया था। जांच कराने पर युवक के पेट में पथरी या गांठ जैसी वस्तु की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चिकित्सकों ने ऑपरेशन करने का निर्णय किया। गत 27 जुलाई को किए गए ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक भी चौंक गए। ऑपरेशन के दौरान एक के बाद एक अखाद्य वस्तुएं पेट से निकलती गईं। अस्पताल के आरएमओ जी.टी. सोलंकी ने बताया कि पीड़ा से मुक्ति मिलने के बाद युवक को पिछले दिनों छुट्टी दे दी गई।
दो-तीन वर्ष से थीं पेट में ये सामग्री
ऑपरेशन करने वाली चिकित्सकों की टीम ने पेट से निकली अखाद्य वस्तुओं में से कुछ को दो से तीन वर्ष पुरानी मानी हैं। चिकित्सकों के अनुसार जिस हालत में लकड़ी और प्लास्टिक मिली है उससे यह अनुमान लगाया गया है। यह युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त होने के कारण कहने और सुनने में असमर्थ था, फिर भी परिवार के लोगों ने उसके दर्द को भांपा और अस्पताल में भर्ती करवाया। यह युवक वस्तुओं को बिना चबाए पेट में उतार जाता था।
लाखों रुपए में होने वाला यह ऑपरेशन हुआ निशुल्क
ऑपरेशन के माध्यम से युवक के पेट से अखाद्य वस्तुएं निकाली गईं हैं। इस तरह के ऑपरेशन का खर्च निजी अस्पतालों में लाखों रुपए हो सकता था। जूनागढ़ के सिविल अस्पताल में यह निशुल्क हुआ है। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा है।
डॉ. नयना लकुम, चिकित्सा अधीक्षक, जूनागढ़ सिविल अस्पताल