गांधीनगर. राज्य के पशुपालन मंत्री राघवजी पटेल की अध्यक्षता में गांधीनगर में शुक्रवार को गुजरात राज्य प्राणी कल्याण बोर्ड की पांचवीं सामान्य बैठक हुई। बैठक में पशु-पक्षियों से होनेवाली क्रूरता को रोकने को लेकर सदस्यों ने मंथन किया। बैठक में केन्द्र सरकार के प्राणी कल्याण और प्राणी क्रूरता निवारण को लेकर विभिन्न कानूनों का राज्यस्तर पर कड़ाई से पालन करने और अमलीकरण को लेकर पेटशोप, डॉग ब्रिडिंग, स्लोटर हाउस समेत नियमों को लेकर चर्चा की गई। इसके कड़ाई से पालन को लेकर पशुपालन मंत्री ने जरूरी सुझाव भी दिए।
बोर्ड की सजगता का दिखेगा असरउन्होंने कहा कि गुजरात प्राणी कल्याण बोर्ड की सक्रियता और सजगता से गुजरात में अनेक पशुओं का जीव बचाने के अलावा पशुओं से होने वाली क्रूरता में कमी की जा सकी। प्राणी कल्याण और प्राणी क्रूरता निवारण को लेकर शीघ्र निराकरण लाने के लिए राज्य के सभी जिलों में जिला कलक्टर की अध्यक्षता में जिला प्राणी क्रूरता निवारण समितियों का गठन किया गया है। राज्य में प्राणी कल्याण और प्राणी क्रूरता निवारण की प्रवृत्ति को गति देने पर जोर दिया गया। बोर्ड के सभी सदस्यों ने सुझाव स्वीकार कर जिलास्तर पर उसका अमलीकरण करने पर भी जोर दिया गया।
राज्य के पांजरापोल और मवेशी डिब्बों की स्थिति को और सुदृढ़ बनाने और पशुओं का हित बनाने का सुझाव दिया गया।बैठक में विधायक प्रद्युम्नसिंह जाड़ेजा, पशुपालन निदेशक डॉ. फाल्गुनी ठाकर और पुलिस महानिरीक्षक (क्राइम) सुभाष त्रिवेदी समेत सदस्य मौजूद रहे।