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Gujarat: गुजरात में एक ही दिन कांग्रेस को दो झटके, दो पूर्व विधायकों ने पार्टी छोड़ी, राजकोट मनपा में अब आधे ही रहे

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Gujarat: गुजरात में एक ही दिन में कांग्रेस के दो झटके, दो पूर्व विधायकों ने पार्टी छोड़ी, राजकोट मनपा में अब आधे ही रहे

Gujarat: गुजरात में एक ही दिन में कांग्रेस के दो झटके, दो पूर्व विधायकों ने पार्टी छोड़ी, राजकोट मनपा में अब आधे ही रहे

अहमदाबाद. गुजरात में इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। हालांकि पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। गुरुवार को कांग्रेस को तब जबरदस्त झटका लगा जब पार्टी के दो पूर्व विधायक दो अलग-अलग राजनीतिक दलों में शामिल हो गए। राजकोट शहर के पूर्व विधायक इंद्रनील राज्यगुरु व बोटाद जिले की गढड़ा सुरक्षित सीट से पूर्व विधायक प्रवीण मारू भाजपा से जुड़े।
राज्यगुरु ने वर्ष 2018 में राजकोट शहर कांग्रेस अध्यक्ष से इस्तीफा दिया था वहीं मारू ने 2017 में राज्यसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ दी थी।

पूर्व कांग्रेस विधायक प्रवीण मारू भी भाजपा में शामिल

अहमदाबाद. कांग्रेस को गुरुवार को एक ही दिन दो झटके लगे। एक तरफ जहां इंद्रनील राज्यगुरु ने आप को पसंद किया वहीं पार्टी के गढड़ा से पूर्व विधायक व दलित नेता प्रवीण मारू भाजपा में शामिल हो गए। मारू के तहत महंत भूपेन्द्र गिरी, आम आदमी पार्टी के राजकोट शहर की महिला मोर्चा की अध्यक्ष जूलीबेन लोढिया, दीपाबेन संघवी व वल्लभीपुर के विभिन्न गांवों के सरपंच भी भाजपा में शामिल हुए। भाजपा के प्रदेश महामंत्री प्रदीप सिंह वाघेला उपस्थित थे।

राजकोट मनपा में कांग्रेस के कुल 4 पार्षद, अब आधे ही रहे

सागठिया व बाराई के आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद अब राजकोट महानगरपालिका में कांग्रेस की सिर्फ दो सीटें रह गई हैं। मनपा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ 4 सीटें मिली थीं।

तब सीएम रूपाणी को दी थी चुनौती

२०१२ के गुजरात विधानसभा में सबसे अमीर विधायक रहे राज्यगुरु ने 122 करोड़ की संपत्ति घोषित की थी। उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को चुनौती दी थी। हालांकि तब वे उन्हें हरा नहीं सके थे लेकिन उनके संघर्ष की खूब प्रशंसा हुई थी। उन्होंने 2018 में राजकोट कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। वे पिछले काफी समय से कांग्रेस से नाराज थे।