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दिव्यांगों को कृत्रिम अंग-उपकरण की मदद देने में गुजरात देश में तीसरे स्थान पर

Gujarat, Divyang, Adip, help, artificial limbs and callipers, tricyle, wheel chairs उत्तरप्रदेश अव्वल, महाराष्ट्र दूसरे, राजस्थान दसवें स्थान पर, 2020-21 में 2.41 लाख दिव्यांगजनों को मिली सहायता, कोरोना के चलते मंद पड़ी रफ्तार

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दिव्यांगों को कृत्रिम अंग-उपकरण की मदद देने में गुजरात देश में तीसरे स्थान पर

दिव्यांगों को कृत्रिम अंग-उपकरण की मदद देने में गुजरात देश में तीसरे स्थान पर

नगेन्द्र सिंह

अहमदाबाद. दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग (हाथ, पैर) व व्हील चेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, सेंसर स्टिक (सहायक उपकरण) के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराने में गुजरात देश भर में तीसरे स्थान पर है।
वर्ष 2020-21 में उत्तरप्रदेश देशभर में पहले, जबकि महाराष्ट्र दूसरे, म.प्र.चौथे और पश्चिम बंगाल पांचवें स्थान पर रहा। तमिलनाडु छठे व राजस्थान 10वें स्थान पर रहा।
यह तथ्य हाल ही में लोकसभा में पेश की गई जानकारी में सामने आए हैं।
कोरोना के चलते दिव्यांगजनों तक मदद पहुंचाने की रफ्तार बीते दो सालों की तुलना में 2020-21 में मंद पड़ी। क्योंकि कोरोना के कारण सरकार की ओर से इसका लाभ पहुंचाने के लिए आयोजित किए जाने वाले शिविरों का आयोजन ज्यादा नहीं हो पाया। फिर भी 241492 दिव्यांगजनों को 2020-21 में मदद प्रदान कराई गई।
केन्द्र सरकार राज्यों व गैर सरकारी संस्थाओं की मदद से यह लाभ दिव्यांगों तक पहुंचाती है। इसके लिए ‘सहायक यंत्र/उपकरण खरीद/फिटिंग के लिए दिव्यांगजनों को सहायता’ (एडिप) नाम की योजना कार्यरत है।

5 सालों में 14.57 लाख को मदद
सरकार ने बीते पांच सालों में 14 लाख 57 हजार 012 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण खरीदने, उन्हें फिट कराने के लिए सहायता प्रदान की है। सबसे ज्यादा मदद वर्ष 2019-20 में 351629 लोगों को प्रदान की गई। 2018-19 में 300865 को, 2017-18 में 272731 को और 2016-17 में 290295 दिव्यांगजनों को मदद प्रदान की गई। 2020-21 में कोरोना के चलते यह संख्या 241492 रही।

अच्छी योजना और सरल हो प्रक्रिया
सरकार की यह काफी अच्छी योजना है। इससे काफी दिव्यांग लाभान्वित हो रहे हैं। इसकी प्रक्रिया को और सरल बनाने की जरूरत है, ताकि दिव्यांगजनों को जब उनकी दिव्यांगता के हिसाब से कृत्रिम अंग या उपकरण की जरूरत हो तब वह संबंधित विभाग, संस्था, एजेंसी के माध्यम से उसे प्राप्त कर सकें। इसे डिजिटल करने से मदद मिल सकती है।
-भूषण पुनानी, कार्यकारी सचिव, अंधजन मंडल, अहमदाबाद


इन कृत्रिम अंग, यंत्रों की मदद
दिव्यांगों को ट्राइसिकिल, हियरिंग एड, मोटराइज्ड ट्राइसिकिल, व्हील चेयर, कृत्रिम हाथ, पैर, बैसाखी, सेंसर स्टिग, फोल्डिंग स्टिक, स्मार्ट फोन, वॉकिंग स्टिक, कोक्लियर इंप्लांट के लिए भी मदद व अन्य यंत्र की मदद शामिल है।

2020-21 में कृत्रिम अंग व उपकरण के लिए दी मदद

राज्य लाभार्थियों की संख्या
उत्तरप्रदेश- 41107
महाराष्ट्र- 30057
गुजरात- 21633
मध्यप्रदेश- 20437
पश्चिम बंगाल- 18312
तमिलनाडु- 14595
बिहार- 12985
ओडिशा- 10526
आंध्रप्रदेश- 8748
राजस्थान- 6829

(स्त्रोत: लोकसभा में दिए गए आंकड़े)।