
Gujarat government: अनाधिकृत निर्माण इम्फेक्ट फीस भरकर हो सकेंगे अधिकृत
गांधीनगर. अब एक अक्टूबर से पहले के अनाधिकृत निर्माण अधिकृत हो सकेंगे। इसके लिए सम्पत्ति मालिक को इम्पेक्ट फीस जमा कराना होगा। गुजरात अनाधिकृत विकास को नियमित करने को लेकर विधेयक-2022 को राज्यपाल की बहाली मिलने के बाद मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने इस विधेयक को लागू करने का मंगलवार को निर्णय किया।
इसके जरिए राज्य की जरूरतमंद गरीब एव मध्यमवर्गीय परिवारों की अनाधिकृत सम्पत्तियां कानूनीतौर पर अधिकृत हो जाएंगी। राज्य की सभी महानगरपालिका, शहरी विकास प्राधिकरण, नगरपालिका क्षेत्रों में अनाधिकृत विकास को नियमित किया जा सकेगा। हालांकि रेरा-एक्ट 2016 के तहत जिस निर्माण कार्यों को नोटिस दिया गया है उनको इसमें शामिल नहीं किया गया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में हुए निर्णय की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि राज्य में महानगरपालिका, प्राधिकरण, नगरपालिका क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भवनों और बिल्डिंग यूज (बीयू) परमिशन के बगैर का निर्माण हुआ है। ऐसे में इन निर्माण को बीयू परमिशन के समकक्ष मान्यता दिलाने के लिए नीति बनाई गई। हालांकि राज्य सरकार ने वर्ष 2001 और वर्ष 2011 में अनाधिकृत निर्माण को नियमित करने के लिए कानून लागू किया था। इसके बावजूद कई अनाधिकृत निर्माण को नियमित नहीं किया जा सका। ऐसी स्थितियों, पुराने कानून के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट और हाइकोर्ट के निर्देशों तथा स्थानीय लोगों को जरूरतमंकों को ध्यान में लेकर इस इस विधेयक का राज्यपाल ने बहाली दी।
उन्होंने कहा कि मार्जिन, बिल्डअप, मकान की ऊंचाई, उपयोग में बदलाव, पार्किंग (सिर्फ पचास फीसदी शुल्क लेकर), कॉमन प्लॉट (पचास फीसदी) कवरेज की सीमा में), साफ-सफाई सुविधा शुल्क लेकर नियमित हो सकेगी। नियमित पार्किंग के प्रावधानों में पचास फीसदी पार्किंग मालिक या कब्जेदार को सम्बंधित स्थल पर उपलब्ध कराना होगा।
चार माह के भीतर हो सकेंगे नियमित
वाघाणी ने कहा कि विधेयक लागू होने की तिथि से चार माह में अनाधिकृत निर्माण नियमित कराने के लिए मकान मालिक व कब्जेदार को ई-नगर पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की तिथि से छह माह में अनाधिकृत निर्माण करने को किसी भी शर्त के बगैर कराना होगा। प्राधिकरण के निर्णय से असहमत व्यक्ति को साठ दिनों में अपील अधिकारी के समक्ष अपील करनी होगी।
यह होगा शुल्क
50 वर्ग मीटर तक के लिए 3000 रु., 50 से 100 वर्ग.मी. के लिए 3000 रुपए के अलावा 3000 रुपए, 100 से 200 वर्ग.मी. के लिए छह हजार के अलावा अतिरिक्त छह हजार रुपए, 200 वर्गमीटर से 300 वर्गमीटर तक 12 हजार के अलावा अतिरिक्त छह हजार रुपए , 300 वर्गमीटर से ज्यादा 18 हजार के अलावा प्रति वर्गमीटर 150 रुपए चुकाना होगा।
Published on:
18 Oct 2022 08:29 pm
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