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Gujarat: गुजरात ने घोषित की सेमीकंडक्टर नीति, बना देश का पहला राज्य, धोलेरा बनेगा सेमीकॉन सिटी

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Gujarat: गुजरात ने घोषित की सेमीकंडक्टर नीति, बना देश का पहला राज्य, धोलेरा बनेगा सेमीकॉन सिटी

Gujarat: गुजरात ने घोषित की सेमीकंडक्टर नीति, बना देश का पहला राज्य, धोलेरा बनेगा सेमीकॉन सिटी

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गुजरात सरकार ने बुधवार को सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2022-२७ की महत्वपूर्ण घोषणा की। इसके साथ गुजरात देश का पहला राज्य बन गया है जिसने यह नीति जारी की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसकी घोषणा की।
इस संबंध में राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी ने बताया कि गुजरात सेमीकंडक्टर तथा डिसप्ले उत्पादन क्षेत्र में सहायता के लिए नीति घोषित करने वाला देश का प्रथम राज्य बना है।
उन्होंने कहा कि राज्य में स्थानीय सेमीकंडक्टर चिप उत्पादन क्षेत्र में तेज़ एवं समावेशी वृद्धि को प्रोत्साहन देने की प्रतिबद्धता के साथ इस नीति की घोषणा की गई है। इस नीति के माध्यम से आगामी पांच वर्षों में लगभग दो लाख रोजग़ार का सृजन होगा।
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर चिप उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के उद्देश्य के साथ भारत सरकार द्वारा इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन की स्थापना की गई है। भारत में सेमीकंडक्टर उत्पादन क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए नीति घोषित की गई है। इस नीति के अंतर्गत भारत सरकार की ओर से 76000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। भारत सरकार की इस पहल के समानांतर गुजरात में सेमीकंडक्टर चिप उत्पादन क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने सेमीकंडक्टर नीति की घोषणा की है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि इस नीति के तहत धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (धोलेरा एसआईआर) में धोलेरा सेमीकॉन सिटी स्थापित की जाएगी। योग्यता प्राप्त प्रोजेक्ट को प्रथम 200 एकड़ भूमि खरीद पर 75 प्रतिशत सब्सिडी तथा फ़ैब प्रोजेक्ट या अपस्ट्रीम या डाउनस्ट्रीम एवं आईएसएम के अंतर्गत स्वीकृत अन्य प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक अतिरिक्त भूमि खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।

पांच वर्षों के लिए 12 रुपए प्रतिघन मीटर की दर से मिलेगा पानी

वाघाणी ने कहा कि नीति के तहत प्रोजेक्ट को प्रथम पांच वर्षों की अवधि के लिए 12 रुपए प्रतिघन मीटर की दर से अच्छी गुणवत्ता वाला पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद के आगामी पांच वर्षों के लिए वार्षिक आधार पर 10 प्रतिशत की दर से पानी की दर में वृद्धि की जाएगी। इस नीति के तहत प्रोजेक्ट के लिए उत्पादन के आरंभ से 10 वर्षों की अवधि के लिए प्रति यूनिट 2 रुपए की पावर टैरिफ़ सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।