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गुजरात: 1557 स्कूलों में एक-एक ही शिक्षक

स्कूलों में ज्ञान सहायक योजना रद्द कर स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की मांग

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गुजरात: 1557 स्कूलों में एक-एक ही शिक्षक

गुजरात: 1557 स्कूलों में एक-एक ही शिक्षक

अहमदाबाद. गुजरात के 33 जिलों में 1567 स्कूलों में एक-एक ही शिक्षक हैं। इनमें कच्छ, अहमदाबाद, राजकोट, बनासकांठा,तापी, महिसागर एवं देवभूमि द्वारका जिलों की स्कूल अधिक हैं। आदिवासी क्षेत्रों की 353 स्कूलों में एक-एक ही शिक्षक हैं। गुजरात प्रदेश कांग्रेस ने मांग की है कि राज्य की प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च माध्यमिक स्कूलों में ज्ञान सहायक योजना को रद्द कर स्थायी शिक्षकों की भर्ती की जाए।

गुजरात प्रदेश कांग्रेस के मीडिया कन्वीनर और प्रवक्ता डॉ. मनीष दोशी के अनुसार राज्य में हर वर्ष शाला प्रवेशोत्सव के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद राज्य में एक शिक्षक से चलने वाले स्कूलों की संख्या खूब है। गांवों में यह स्थिति सबसे खराब है। एक शिक्षक वाले स्कूलों में से ग्रामीण इलाकों की ही 1363 स्कूल हैं। शेष 294 शहरी विस्तारों के स्कूल हैं। इस तरह के स्कूलों में कच्छ जिले में सबसे अधिक 213, अहमदाबाद 98, राजकोट में 83, बनासकांठा में 81, तापी में 80, महिसागर में 77 और देवभूमि द्वारका जिले में 73 स्कूल शामिल हैं।

32 हजार शिक्षकों के पद हैं रिक्तडॉ. दोशी के अनुसार राज्य में 32 हजार शिक्षकों की जगह लंबे अर्से से खाली हैं। कुल 38000 सरकारी स्कूलों में से 5612 स्कूलें छात्रों की कम संख्या बताकर या तो बंद कर दी गईं है या अन्य स्कूलों में मर्ज कर दी गई हैं। इसके अलावा 38 हजार वर्ग खंड भी स्कूलों में कम हैं। 14652 स्कूलों में एक ही वर्गखंड में एक से अधिक कक्षाओं के विद्यार्थी पढ़ने को मजबूर हैं। राज्य के 2018 सरकारी स्कूलों में इन्टरनेट की सुविधा नहीं है।