
Gujarat: भटकते मवेशियों की समस्या को लेकर गुजरात हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, पूछा-अहमदाबाद की सडक़ें भटकते मवेशी से कब मुक्त होंगी?
Gujarat High Court come down heavily on State govt & AMC on stray cattle
अहमदाबाद शहर में भटकते मवेशियों की समस्या को लेकर गुजरात हाई कोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार और अहमदाबाद महानगरपालिका से भारी नाराजगी जताई।
मुख्य न्यायाधीश अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने टिप्पणी की कि पिछले 5 वर्षों से हाईकोर्ट इस संबंध मेंआदेश जारी कर रहा है, इसके बावजूद भटकते मवेशियों की समस्या कम नहीं हो सकी है। आम नागरिक मवेशियों के हमलों के शिकार होकर घायल हो रहे हैं और उनकी मौत भी हो रही है, लेकिन प्रशासन इस मामले में उदासीन बैठा है।
खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार और महानगर पालिका के तमाम दावे खोखले साबित हुए हैं। यह सिर्फ कागजों पर ही दिखते हैं। धरातल पर कोई एक्शन प्लान नहीं दिखता। प्रशासन अब मगरमच्छ के आंसू रोना बंद करें और कोर्ट को एक तय समय कर बताए कि अहमदाबाद की सडक़ें भटकते मवेशी से मुक्त कब होंगी।
बुधवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अहमदाबाद महानगरपालिका और राज्यसभा राज्य सरकार को दोपहर बाद 4 बजे तक भटकते मवेशियों के नियंत्रण के लिए प्रस्तावित प्लान पेश करने का आदेश दिया।
हाई कोर्ट नहीं चाहती कि ऐसी समस्या के चलते कोई और घायल हो या किसी अन्य की मौत हो। खंडपीठ ने राज्य सरकार से सवाल किया कि सरकार सडक़ों पर भटकते मवेशियों के मामले में क्या करना चाहती है? किस कारण इतनी भारी संख्या में मवेशी रास्तों पर भटकते दिखते हैं और लोगों पर हमला करउनकी जान जोखिम में डालते हैं।
राज्य सरकार और महानगर पालिका की ओर से हाईकोर्ट के सवालों के जवाब के लिए समय की मांग की गई। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 30 अगस्त को रखी है। हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री नितिन पटेल के की के साथ घटी घटना की भी चर्चा की गई हाईकोर्ट ने कहा यह मुद्दा गंभीर है।
Published on:
24 Aug 2022 11:10 pm
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