
Gujarat: साबरमती नदी के प्रदूषण को लेकर गुजरात हाईकोर्ट ने जताई चिंता
गुजरात हाईकोर्ट ने साबरमती नदी के प्रदूषण को लेकर चिंता व्यक्त की है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की नवंबर 2022 की रिपोर्ट में साबरमती नदी को देश की दूसरी सबसे प्रदूषित नदी बताया गया है।
साबमती नदी के प्रदूषण के मामले को लेकर गुजरात हाईकोर्ट ने अगस्त 2021 से संज्ञान लिया है। इस मामले की सुनवाई करते हुए शुक्रवार को हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सोनिया गोकाणी और जस्टिस वैभवी नानावटी की खंडपीठ ने साबरमती नदी को देश की दूसरी सबसे प्रदूषित नदी बताने वाली सीपीसीबी की रिपोर्ट को हाईकोर्ट के रेकॉर्ड पर रखने का आदेश दिया है।
गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता देवांग व्यास ने खंडपीठ को आश्वस्त किया कि यह रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश की जाएगी।
कोर्ट मित्र एडवोकेट हेमांग शाह ने दलील दी कि साबरमती नदी का प्रदूषण इतना ज्यादा बढ़ गया है कि उसे स्वच्छ करने और पहले की तरह करने में काफी समय लगेगा। इसे रातों रात इसे सुधारा नहीं जा सकता। इसमें काफी समय लगेगा। जिस पर हाईकोर्ट ने कहा कि हमें आशावादी रहना चाहिए।
खंडपीठ को सुनवाई के दौरान जानकारी दी गई कि अहमदाबाद मेगा क्लीन एसोसिएशन (एमका) की ओर से मेगा पाइप लाइन की साफ-सफाई का काम चल रहा है। इसमें जो गैरकानूनी कनेक्शन हैं उन्हें भी दूर करने की प्रक्रिया अहमदाबाद महानगर पालिका की मदद से की जा रही है। यह प्रक्रिया तीन से चार सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी। खंडपीठ को बताया गया कि मेगालाइन के मेन हॉल में कई आवासीय सीवरेज लाइन के भी गैरकानूनी कनेक्शन जोड़े गए हैं। उसकी रिपोर्ट भी पेश की गई है। इस मामले में आगामी सुनवाई 17 मार्च को सुनिश्चित की गई है। साबरमती नदी प्रदूषण मामले में हाईकोर्ट के संज्ञान लेने के बाद से हाईकोर्ट लगातार इस मामले में हो रही प्रगति पर भी नजर रखे हुए है।
Published on:
17 Feb 2023 10:27 pm
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