
इंद्रोडा पार्क के खुले आसमान वाले आवास में विचरण करते दिखेंगे सफेद बाघ, शेर व तेंदुए
गांधीनगर. गुजरात की राजधानी गांधीनगर स्थित इन्द्रोडा प्रकृति उद्यान के प्राणी संग्रहालय में अब शेर, सफेद बाघ और तेंदुओं को खुले आसमान वाले आवास में विचरण करते हुए लोग देख सकेंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि मंगलवार को राज्य के वनमंत्री गणपत वसावा और वन राज्यमंत्री रमण पाटकर ने यहां तैयार किए गए अत्याधुनिक 'ओपन मोट' आवास का लोकार्पण किया है।
गीर फाउंडेशन की ओर से संचालित इस प्राणी संग्रहालय में राज्य सरकार के प्रयासों के चलते सफेद बाघ की जोड़ी लाई गई है। यह जोड़ी भी यहां लोगों को देखने को मिलेगी। यहां लाए गए सफेद बाघ (नर) का नाम गौतम (2.5 साल), सफेद बाघिन (मादा बाघ) का नाम सृष्टि (17 साल) है। इन्हें राज्य के अलग प्राणी संग्रहालय से लाया गया है। दोनों को आसमान वाले ओपन मोट आवास में रखा है।
इसके अलावा शेर सूत्रा (13 साल), शेरनी ग्रीवा (11 साल) को भी ओपन मोट आवास में रखा गया है। तेंदुआ वीर (14.5 साल), जिगर (13) और माता तेंदुआ ग्रीष्मा (12), जान्वी (11) को भी ओपन टू स्काय प्रकार के आधुनिक मोट आवास में रखा गया है। खुद वन मंत्री वन राज्यमंत्री ने भी ओपन मोट में खुले आसमान वाले अपने नए घर में शेर, बाघ और तेंदुए को घूमते हुए निहारा।
शेर की तरह बाघ, तेंदुए भी अपना गौरव: वसावा
वन मंत्री गणपत सिंह वसावा ने कहा जिस प्रकार शेर (सिंह) गुजरात ही नहीं पूरे देश का गौरव हैं उसी प्रकार से बाघ और तेंदुए भी हमारा गौरव हैं। विजय रूपाणी सरकार लोगों के साथ वन्य जीव और प्राणियों के विकास की भी चिंता कर रही है। जिसके तहत ही आज गांधीनगर में दो करोड़ से ज्यादा की लागत से शेर, बाघ और तेंदुए के लिए ओपन मोट आवास बनाए हैं। वन राज्यमंत्री रमण पाटकर ने कहा कि लोगों को यहां खुले में शेर, सफेद बाघ, तेंदुआ देखने का अद्भुत अनुभव मिलेगा। ये आकर्षण का केन्द्र बनेगा।
हर साल छह लाख लोग आते हैं इंद्रोड़ा पार्क
गीर फाउंडेशन के निदेशक यू डी सिंह ने कहा कि यहां डायनासोर, फोसिल पार्क, अर्थ सेक्शन, बहुविध वन्य प्राणी होने के चलते वार्षिक छह लाख लोग पार्क में आते हैं। उन्हें यहां बोटनिकल गार्डन में विभिन्न पौधों, बेल को भी देखने और समझने का मौका मिलता है।
जंगल जैसी अनुभूति का माहौल
ओपन मोट आवास में वन्यजीवों की सुरक्षा और अनुकूलता को ध्यान में रखा है। पत्थर, पेड़-पौधे, लकडिय़ां, घास-बांस का उपयोग कर झरने, झील का प्राकृतिक माहौल बनाया है। तााकि उन्हें अंदर जंगल जैसी अनुभूति हो। आराम करने के लिए पत्थर की गुफाएं, पानी के झरने, छोटा तालाब, रैम्प और स्टेज भी तैयार किए गए हैं। आगंतुकों के लिए भी विशेष गैलरी और रास्ता है।
Published on:
24 Aug 2021 10:30 pm
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