
गीतों के जरिए गणित सिखाती हैं रंजनबेन
नगेन्द्र सिंह
अहमदाबाद. गीतों के जरिए बच्चों को हंसाते, उनका मनोरंजन करते तो आपने अक्सर कई लोगों को देखा होगा, लेकिन गीतों के जरिए गणित जैसे जटिल विषय को सिखाने का कमाल गुजरात की एक शिक्षिका रंजनबेन निमावत ने कर दिखाया है। उनकी इस उपलब्धि पर राज्य सरकार की ओर से उन्हें वर्ष 2021 का श्रेष्ठ शिक्षक (प्राथमिक) अवार्ड के लिए चुना गया है। रंजनबेन राजकोट जिले की उपलेटा तहसील के वडाळी प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका हैं। उन्होंने गुजराती विषय के अक्षरों की पहचान कराने के लिए भी खिलौनों और खेल व गीत का सहारा लिया। इन इनोवेशन के बूते आज रंजनबेन पूरे राज्य में चर्चित हैं। उन्हें वर्ष 2018 में तहसील स्तर पर , 2019 में जिला स्तर पर भी श्रेष्ठ शिक्षक का अवार्ड मिल चुका है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर राजस्थान पत्रिका ने उनसे खास बातचीत की।
सवाल-ऐसे कौन से कार्य रहे जिनके जरिए श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड के लिए चयन हुआ है?
जवाब-पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को पढ़ाने के लिए अब तक पांच इनोवेशन किए हैं जिसका बेहतर परिणाम देखने को मिल रहा है। गणित सिखाने के लिए गाते-खेलते पढि़ए (गाता रमता भणिए) इनोवेशन किया, जिसमें गीत के जरिए बच्चों के एक से लेकर 100 तक की गिनती सिखाई है। वे न सिर्फ बोलते हैं बल्कि उसे लिख भी लेते हैं और पढ़ भी लेते हैं। इसी प्रकार से गुजराती भाषा के मूल अक्षर (स्वर, व्यंजन) सिखाने के लिए मूल अक्षरों की पहचान (मूळाक्षर नी ओळख) इनोवेशन किया है। इसमें भी गीत, खेल और खिलौनों के जरिए बच्चों को गुजराती के अक्षर सिखाए जाते हैं। इसमें खेल और एक्शन भी है, जिससे बच्चे चाव से सीखते हैं।
सवाल-लॉकडाउन के दौरान प्राथमिक बच्चों की शिक्षा कैसे जारी रखी?
जवाब-कोरोना महामारी के दौरान लागू हुआ लॉकडाउन हमारे लिए भी चुनौती भरा था। मेरा मानना है कि स्कूल बंद बेशक रहे लेकिन बच्चों की शिक्षा बंद नहीं रहनी चाहिए। जिससे बच्चों को पढ़ाने के लिए ऑनलाइन वीडियो तैयार किए। ऐसे खिलौने बनाए जिनके जरिए बच्चे घर बैठे भी पढ़ सकें। ऐसे 200 वीडियो लेक्चर रिकॉर्ड करके बच्चों के अभिभावकों को उसकी लिंक भेजी ताकि वे पढ़ सकें।
सवाल-आपने ऑनलाइन परीक्षा का प्रारूप भी बनाया उसका ख्याल कैसे आया?
जवाब-कोरोना महामारी के दौर में अभी तक प्रत्यक्ष रूप से पढ़ाई का कार्य बंद है। ऐसे में बच्चों को सिखाना जितना महत्वपूर्ण है उतना ही महत्वपूर्ण यह भी है कि वे क्या सीखे हैं उसे पता किया जाए। इसके लिए पहली और दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए गणित व गुजराती विषय की ऑनलाइन कसौटी (परीक्षा) बनाई। जिसका लाभ मेरे ही स्कूल के बच्चों को नहीं बल्कि कई बच्चों को मिल रहा है, क्योंकि उसे यूट्यूब के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध कराया है।
सवाल-बच्चों को सिखाने के लिए इनोवेशन का विचार कैसे आया?
जवाब-मेरा मानना है कि बच्चे खेल-खेल में और गतिविधि करते हुए जो सीखते हैं उसे कभी नहीं भूलते। पढ़ाई में रोचकता का होना भी बहुत जरूरी है। बस यही विचार इन इनोवेशनों को करने के लिए प्रेरित करता है। कोशिश रहती है कि बच्चा जो सीखे उसे अच्छे से सीखे। शब्दों का ज्ञान देने के लिए उपयोग में ली जा चुकी सीडी का इस्तेमाल किया। जिसमें शब्द लिखकर बच्चों को शब्द सिखाए। वेस्ट में से बेस्ट करने की सीख दी।
सवाल-अन्य शिक्षकों व अभिभावकों को क्या संदेश देना चाहेंगीं?
जवाब-सभी शिक्षक अपनी तरह से मेहनत तो करते ही हैं। मेहनत में रोचकता को और जोड़ें तो वह ज्यादा प्रभावी हो सकती है। ऐसा मेरा मानना है। अभिभावकों के लिए यही कहना है कि सरकारी स्कूलों में भी आज बेहतर सुविधाएं और अधिक शिक्षित, योग्य और प्रशिक्षित शिक्षक हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने से ना कतराएं।
Published on:
04 Sept 2021 10:19 pm

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