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Gujarat news: 500 साल पुराने कंथारपुर बरगद को पर्यटन केन्द्र बनाने के कार्य ने पकड़ी गति

Gujarat news CM bhupendra patel visit kantharpur village banyan tree सीएम ने विकास प्रोजेक्ट का किया निरीक्षण, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हो रहा है पूरा विकास कार्य, बरगद के नीचे है महाकाली का मंदिर, कंथारपुर वड (बरगद) 500 वर्ष पुराना माना जाता है। इसे मिनी कबीर वड के रूप में भी जाना जाता है।

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Gujarat news: 500 साल पुराने कंथारपुर बरगद को पर्यटन केन्द्र बनाने के कार्य ने पकड़ी गति

Gujarat news: 500 साल पुराने कंथारपुर बरगद को पर्यटन केन्द्र बनाने के कार्य ने पकड़ी गति

अहमदाबाद. Gujarat news गांधीनगर की दहेगाम तहसील के kantharpur village में स्थित 500 साल पुराने banyan tree बरगद के पेड़ को एक पर्यटन धाम के रूप में विकसित किया जा रहा है। क्योंकि यहां महाकाली माता का मंदिर भी है। यहां चल रहे विकास कार्य ने गति पकड़ी है। विकास कार्यों का निरीक्षण करने खुद मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल मंगलवार को कंथारपुर वड पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी के मार्गदर्शन में गुजरात पवित्र यात्रा धाम विकास बोर्ड की ओर से इस कंथारपुर महाकाली वड का अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रा-पर्यटन धाम के रूप में विकास किया जा रहा है।
6 करोड़ रुपए की लागत से प्रथम चरण में यहां लैण्डस्कैपिंग, ध्यान-योग स्थल, एग्ज़ीबिशन हॉल, पाथ-वे, गैदरिंग एरिया, पानी के बोरवेल, इलेक्ट्रिक और प्लम्बिंग से जुड़े कामकाज शुरू किए गए हैं।
सीएम सुबह मुख्य सचिव पंकज कुमार, पर्यटन सचिव हारित शुक्ल, गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड के सचिव आर. आर. रावल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राम कुमार, गांधीनगर जिला कलेक्टर कुलदीप आर्य एवं अधिकारियों के साथ कंथारपुर महाकाली वड पहुंचे थे।
उन्होंने निर्माणाधीन विभिन्न कार्यों का विवरण प्राप्त किया तथा साइट निरीक्षण कर आवश्यक सुझाव भी दिए। उन्होंने स्थानीय अग्रणियों एवं ग्रामीणजनों के साथ भी सहज संवाद किया। वे बच्चों के साथ भी स्नेह-भाव से मिले।इसके बाद सीएम ने पास के ही गियोड गांव का भी दौरा किया। ग्रामीण के साथ चाय पर चर्चा की।
सीएम पटेल ने इस परिसर में पहले चरण में अनुमानित 14.69 करोड़ रुपए की लागत से जो कार्य किए जाने वाले हैं, उन्हें निश्चित समयावधि में और गुणवत्ता के साथ पूरे करने के लिए भी मार्गदर्शन दिया।

बरगद के नीचे है महाकाली का मंदिर
कंथारपुर वड (बरगद) 500 वर्ष पुराना माना जाता है। इसे मिनी कबीर वड के रूप में भी जाना जाता है। कंथारपुर वड के नीचे महाकाली माता का मंदिर है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन को आते हैं। इतना ही नहीं, आधा एकड़ से अधिक भूमि में फैले इस महाकाय बरगद की जड़ें भी प्रकृति एवं पर्यावरण प्रेमियों के लिए आकर्षण का केन्द्र हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में इस स्थान का दौरा कर इसे यात्रा-पर्यटन धाम के रूप में विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया था।

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