
Gujarat: भारत के बाहर युगांडा में पहला कैंपस शुरू करेगी एनएफएसयू
नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपने पंख फैलाने वाली है। एनएफएसयू का भारत के बाहर पहला ट्रांजिट कैंपस अफ्रीकी देश युगांडा में शुरू होगा। यह युगांडा की राजधानी कंपाला से करीब 81 किलोमीटर दूर जिंजा शहर में शुरू होने वाला है। भारत के विदेश मंत्री डॉ.एस.जयशंकर सोमवार से तीन दिनों के युगांडा के दौरे पर हैं। इस दौरान वे युगांडा के पूर्वी हिस्से में स्थित जिंजा में एनएफएसयू के ट्रांजिट कैंपस का शुभारंभ करेंगे। उनकी उपस्थिति में ही भारत और युगांडा सरकार के बीच एनएफएसयू का पहला ट्रांजिट कैंपस शुरू करने के लिए द्विपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे। इस समारोह में शिरकत करने के लिए एनएफएसयू के कुलपति डॉ. जे. एम. व्यास और कार्यकारी कुलसचिव सी डी जाडेजा भी युगांडा के लिए रवाना हुए हैं। युगांडा में काफी गुजराती लोग निवास करते हैं। युगांडा के बड़े उद्योगपतियों में गुजराती मूल के लोग शामिल हैं। इससे भारत और युगांडा के बीच के संबंध और मजबूत होंगे।
देश में कुल 9 कैंपसएनएफएसयू के देश में गांधीनगर सहित कुल 9 कैंपस हैं। इसमें दिल्ली, गोवा, त्रिपुरा, भोपाल (म,प्र), पूणे (महाराष्ट्र), गुवाहाटी (असम), मणिपुर और धारवाड़ (कर्नाटक) कैंपस शामिल हैं। युगांडा के जिंजा में देश के बाहर पहला कैंपस होगा।
अफ्रीका की पहली फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी
सूत्रों के अनुसार एनएफएसयू का कैंपस न सिर्फ युगांडा बल्कि पूरे अफ्रीकी महादेशों की पहली फोरेन्सिक साइंस यूनिवर्सिटी होगी। यह युगांडा के प्रशासन, अधिकारियों व अन्य विभागों को फोरेंसिक में शिक्षा प्रदान करेगी। गत वर्ष सितम्बर में युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने एनएफएसयू के कैम्पस की मंजूरी दी थी। यह एनएफएसयू से संबद्ध होगा। यह साइबर सिक्युुरिटी, फोरेन्सिक, डिजीटल फोरेन्सिक में शिक्षा प्रदान करेगा। यह कैम्पस 130 एकड़़ में फैला होगा। इसे चार चरण में निर्मित किया जाएगा।
Published on:
10 Apr 2023 10:41 pm
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